"बिलासपुर स्कूल प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप, अभिभावक शांत नहीं"

"बिलासपुर स्कूल प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप, अभिभावक शांत नहीं"

Serious allegations against Bilaspur school principal

Serious allegations against Bilaspur school principal

  1. विद्यालय प्रबंध समिति और ग्रामीणों के बीच पंचायत भी बेनतीजा, ग्रामीणों ने किया हंगामा

  2. गिरफ्तारी की मांग पर अड़े अभिभावक, स्कूल ने आरोपित को किया निलंबित

बिलासपुर। शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले आरोपित प्रिंसिपल पर कार्रवाई को लेकर अभिभावक अड़े रहे। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रिंसिपल सजा के नाम पर मासूमों के साथ अश्लीलता करता था। इसलिए आरोपित पर क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इंसानियत को शर्मसार करने वाले ऐसे हैवान को केवल माफ़ी देकर छोड़ना वाला नहीं है।

भोट थाना क्षेत्र के गांव खूंटाखेड़ा में स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का आरोप था कि स्‍कूल का प्रिंसिपल सजा देने के बहाने मासूम छात्र-छात्राओं को अपने रूम में बुलाता और उनके साथ अश्लील हरकतें करता था। यहां तक कि उनके निजी अंगों से छेड़छाड़ भी करता है।

इस खुलासे के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर खूब हंगामा किया और आरोपित प्रिंसिपल की पिटाई भी की थी। देर शाम पुलिस ने ग्राम सतरा खेड़ा निवासी रंजीत सिंह की शिकायत पर आरोपित फादर जोसेफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।

इस प्रकरण को सुलझाने के लिए मंगलवार को नैनीताल हाईवे स्थित गांव पंजाबनगर के धार्मिक स्थल में एक पंचायत बुलाई गई। बैठक में ब्लाक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख, मुल्लाखेड़ा प्रधानपति जोगिंदर सिंह बिट्टू और अभिभावकों समेत गणमान्य लोग शामिल रहे।

विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से फादर शसिन, फादर जेनिस व फादर विजय समेत चार प्रतिनिधि शामिल हुए। पंचायत के दौरान आरोपित पक्ष की ओर से आए प्रतिनिधियों ने समाज से सामूहिक माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया गया है। लेकिन, अभिभावक इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिखे। उनका कहना है कि बच्चों के साथ हुई इस तरह की हरकत के लिए केवल निलंबन पर्याप्त सजा नहीं है। विद्यालय प्रबंध समिति को अभिभावकों का साथ देते हुए ऐसे हैवान के विरुद्ध सख्त क़ानूनी कार्रवाई करवाई जानी चाहिए। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में ग्रामीणों और अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक आरोपी प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे। बैठक में शामिल ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख ने बताया कि प्रबंधन आरोपी को हटाने पर सहमत है, लेकिन अभिभावक कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। फिलहाल, मामले में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।



अभिभावक बोले- ऐसे हैवान को केवल माफ़ी देकर नहीं छोड़ा जाए

एक अभि‍भावक ने बताया, विद्यालय में मेरा पुत्र नर्सरी का छात्र है। जब उन्होंने इस घटना को सुना तो दंग रह गए। उनके बच्चें ने भी कई बार उनसे इस संबंध में मुझसे शिकायत की थी, लेकिन मैंने उसकी शिकायत को नजर अंदाज कर दिया। अब वह भी अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे।