Sarpanch convinced after talks with CM
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सीएम के साथ वार्ता के बाद सरपंच आश्वस्त: सरपंचों ने सरकार के समक्ष ई-टेंडरिंग सहित 14 मांगें रखी, पढ़ें क्या है डिमांड

Sarpanch convinced after talks with CM

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Sarpanch convinced after talks with CM- पंचकूला (आदित्य शर्मा)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के साथ मांगों चली लंबी वार्ता के बाद सरपंच आश्वस्त नजर आए। सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई इस बैठक में सीएम ने सरपंचों की ई-टेंडरिंग समेत 14 मांगों को सुना और ग्रामीण विकास में सरपंचों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। हालांकि, ई-टेंडरिंग के मुद्दे पर पहले सरपंचों में असमंजस की स्थिति बनी रही। सरपंचों की तरफ से यह भी विचार किया गया कि फिलहाल सरकार के सकारात्मक पहलुओं को देखते हुए मांगों को लेकर वार्ता को टाल दिया जाए, लेकिन सीएम दौरान के मुद्दे पर सरकार की ओर से दिए गए आश्वसन के बाद सरपंच ने राहत की सांस ली है।

सरपंचों नेे ग्रामीण विकास के लिए सरपंचों को 2 लाख रूपये से राशि 20 से 50 लाख रूपये तक बढ़ाने मांग की थी। सरपंचों का कहना था कि जब तक सरपंचों के हाथ में बिना किसी दखल के ग्रामीण विकास की बागडोर थमा दी जाए तो निश्चित ही ग्रमीण विकास में गति देने में वे तत्पर रहेंगे। इस पर भी सीएम ने सकारात्मक जवाब दिया है। सरपंचों की मांगों में यह भी मांग है कि पंचायत में तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर एसीआर लिखने का अधिकार सरपंचों को दिया जाए, ताकि विकास में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने से पहले सरपंचों को यह अधिकार दिया जाए। रात साढ़े 9 बजे के बाद डीनर जारी रहा। सरपंचों का इस दौरान कहना था कि सीएम की उनके साथ हुई वार्ता के दौरान कई पहलुओं पर सकारात्मक बातचीत हुई, लेकिन कुछ पर संश्य बना रहा है। ऐसे में सीएम ने सरपंचों की ग्रामीण विकास में भागीदारी को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। कुछ मांगों को लेकर सरपंचों की सीएम के साथ वार्ता लंबी चली।

पंचायतों ने कहा कि विकास के प्रति अधिकारी की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए जबकि सरपंच को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उन्होंने सीएम से यह भी मांग की है कि टोल प्लाजा पर सरपंचों का टैक्स माफ किया जाना चाहिए। सरपंचों की अन्य मांगों को सीएम ने सुन कर पंचायतों के सदस्यों को ग्रामीण विकास में सौ प्रतिशत भागीदारी होने और जिम्मेदार नागरिक की तरह ग्रामीण विकास के मद्देनजर सरकार के साथ सहयोग बनाए रखने का आश्वासन दिया है। उधर, बैठक में कई मांगों पर बनी सहमति के बाद किसानों ने भी आश्वासन दिलाया कि शहरी विकास की तर्ज पर ग्रमीण इलाकों का विकास तेज गति से किया जाएगा।