संघ के 100 वर्ष: धर्मशाला में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की हुंकार; "संघ संगठन नहीं, एक जीवन शैली है"

संघ के 100 वर्ष: धर्मशाला में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की हुंकार; "संघ संगठन नहीं, एक जीवन शैली है"

Sarkaryavah Dattatreya Hosabale Resounding Declaration

Sarkaryavah Dattatreya Hosabale's Resounding Declaration

धर्मशाला। Sarkaryavah Dattatreya Hosabale's Resounding Declaration, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला कांगड़ा द्वारा होटल डी पोलो के सभागार में प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्टी का शुभारंभ वन्दे मातरम से किया गया। गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी संघ कार्य कि 100 वर्षो की यात्रा को पूर्ण किया है। इन सौ वर्षो में संघ ने सेवा एवं समर्पण भाव से देश सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया।

स्वतंत्रता सेनानी एवं संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने भारत को स्वतंत्र एवं शक्तिशाली बनाने के लिए विजयदशमी 1925 के दिन संघ का कार्य प्रारंभ किया। देश भक्ति से ओत प्रोत एवं समाज का भला करने वाले व्यक्ति संघ की नित्य शाखा से निर्माण हो रहे है। संघ का कार्य हिन्दू समाज को संगठित, सशक्त एवं समर्थ बनाने के लिए चल रहा है।

उन्होंने कहा की संघ देश को अच्छा करने के लिए सामान्य व्यक्ति के व्यक्तिगत चरित्र एवं राष्ट्रीय चरित्र दोनों को ठीक करने की दृष्टि से कार्य कर रहा है। समाज की उन्नति के लिए समाज का संगठन करना, सामूहिक प्रयास करना, सबको साथ लेकर चलना यह भी अति आवश्यक है।

देश के सर्वागीण विकास में सभी का योगदान होना चाहिए। संघ सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर समाज के लिए कार्य करता है। संघ केवल एक संगठन नहीं बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है और संघ कार्यकर्ताओं के लिए एक जीवन शैली है।

वर्तमान में अपना भारत देश दुनिया में अग्रणी देशों में से एक हैै। संघ कार्य का लक्ष्य भारत को समरस, समर्थ एवं समर्थ बनाने का है। भारत दुनिया को जीवन जीने की शैली बता रहा है।अन्य देश भारत का अनुसरण कर रहे है।

कार्यक्रम में प्रमुखजनों द्वारा सामाजिक, आर्थिक राजनैतिक, सेवा कार्य एवं देश दुनिया की वर्तमान परिस्थिति, शिक्षा नीति, संस्कार पक्ष, संघ में महिलाओं की सहभागिता को लेकर प्रश्न भी पूछे गए जिनका सरकार्यवाह द्वारा ठीक प्रकार से समाधान किया।

सरकार्यवाह दत्ता ने कहा कि आज देश में एक लाख से अधिक सेवा कार्य चल रहे हैं। एक लाख से अधिक स्थानों पर शाखा मिलन संघ मंडली चल रही हैं। संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन में अनेक क्षेत्रों , गतिविधियों में समाज के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।

गोष्ठी में जिला कांगड़ा के भिन्न भिन्न स्थानों से सेवानिवृत सेना अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के आचार्य, व्यापार मंडल के अध्यक्ष, प्रसिद्ध गायक, खिलाडी, समाचार पत्रों के संपादक, जन प्रतिनिधि, अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं साधु संतों ने भाग लिया।