यूपी फतह के लिए भाजपा का 'ट्रिपल एस' प्लान: संघ, संगठन और सरकार ने कसी कमर
Sangh, organization and government gear up
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी को यूजीसी एवं जातीय उबाल से होने वाले नुकसान की आहट मिल गई है। पार्टी इससे निपटने की रणनीति बना रही है। इसी कारण प्रदेश में राजनीतिक पदचापों की ध्वनि दूर तक पहुंचने लगी है।
पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कई अहम विषयों को छेड़ते हुए प्रदेश को मथा, वहीं अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के सभी छह क्षेत्रों में समन्वय बैठकों में पहुंच रहे हैं।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब ‘ट्रिपल एस’ यानी सरकार, संगठन और संघ के माडल पर चुनावी तार को कसा जा रहा है। पार्टी अंदरूनी घमासान, यूजीसी एवं जातीय उबाल से होने वाले नुकसान से निपटने की रणनीति बना रही, वहीं नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कसरत भी तेज की गई है।
पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक
होली के बाद पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक गाजियाबाद, छह मार्च को कानपुर और सात को ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी। समन्वय बैठकों की टाइमिंग विशेष रूप से बड़े राजनीतिक संकेत दे रही है। खासकर, ऐसे समय में जब प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा तेज है।
सरकार, संघ और भाजपा की प्रदेश स्तर पर समन्वय बैठक नियमित अंतराल पर होती रहती है, जिसमें प्रदेश सरकार के कार्यों के साथ ही अनुषांगिक संगठनों के अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की चर्चा होती है, साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया जाता है लेकिन अब पार्टी के सभी छह क्षेत्रों में बैठकें हो रही हैं।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंच रहे हैं। 28 फरवरी को लखनऊ में आयोजित बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ ही संघ के सभी बड़े पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक कृपा शंकर, अनिल कुमार और प्रांत प्रचारक कौशल शामिल हुए और भाजपा संगठन की ओर से यूपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष ने भी हिस्सा लिया।
पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी
बैठक को अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। इस बैठक में इस पर भी सहमति बनी है कि भाजपा और संघ मिलकर समाज, छात्रों और शिक्षकों के बीच मिलकर काम करेंगे। जिसमें छात्रों और विभिन्न समूहों में पैठ बढ़ाने पर काम को गति मिले।
एक मार्च को वाराणसी और दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष चौधरी का कहना है कि सप्ताहभर में गाजियाबाद, कानपुर एवं आगरा में समन्वय बैठक होगी। इन बैठकों में प्रमुख मुद्दों के साथ ही क्षेत्रीय स्तर के विषयों पर भी स्वाभाविक तौर पर चर्चा होगी।