सक्ती बायलर हादसा: अनिल अग्रवाल ने तोड़ी चुप्पी; कहा- "भरोसेमंद हाथों में थी जिम्मेदारी, फिर भी हादसा दुखद"

सक्ती बायलर हादसा: अनिल अग्रवाल ने तोड़ी चुप्पी; कहा- "भरोसेमंद हाथों में थी जिम्मेदारी, फिर भी हादसा दुखद"

Sakti Boiler Accident: Anil Agarwal Breaks Silence

Sakti Boiler Accident: Anil Agarwal Breaks Silence

नई दिल्ली। Sakti Boiler Accident:  छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बायलर हादसे को लेकर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है।

इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स उन्होंने लिखा है कि एथेना प्लांट में सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों का पालन किया गया था और संचालन व रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी-जीई की साझेदारी वाली एनजीएसएल को सौंपी गई थी। इसके बावजूद इतना बड़ा हादसा होना बेहद दुखद है।

'सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता'

उन्होंने इस स्थिति की तुलना एक वाहन मालिक द्वारा अपने वाहन को किसी भरोसेमंद चालक को सौंपने से की, चालक पर वाहन के सुरक्षित संचालन की पूरी उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि वेदांता के हर अनुबंध में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और संबंधित एजेंसियों की नीति भी इसी पर आधारित रहती है।

अग्रवाल ने हादसे में जान गंवाने वाले 25 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और वेदांता समूह आगे भी हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

अग्रवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं अत्यंत पीड़ादायक और अप्रत्याशित होती हैं, जिनकी कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे कठिन दौरों में से एक बताते हुए कहा कि बीते कुछ महीने उनके लिए लगातार परीक्षा जैसे रहे हैं। साल की शुरुआत में अपने नौजवान बेटे को खोने के बाद इस हादसे में 25 साथियों की असामयिक मौत ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है।

एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम गलत : नवीन जिंदल

इससे पहले उद्योगपति नवीन जिंदल ने वेदांता हादसे पर दुख जताते हुए कहा था कि कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है और उन्हें उचित मुआवजा व सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल करना गलत है।

उन्होंने तर्क दिया कि अनिल अग्रवाल की प्लांट के दैनिक संचालन में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। बिना तथ्यों के स्थापित हुए उनका नाम शामिल करना उचित प्रक्रिया के खिलाफ है।