भाजपा में संगठन और मंत्रिमंडल बदलाव की सुगबुगाहट तेज, लखनऊ से दिल्ली तक बढ़ी राजनीतिक हलचल

भाजपा में संगठन और मंत्रिमंडल बदलाव की सुगबुगाहट तेज, लखनऊ से दिल्ली तक बढ़ी राजनीतिक हलचल

Rumblings of organizational and cabinet change intensify in BJP

Rumblings of organizational and cabinet change intensify in BJP

लखनऊ। भाजपा पदाधिकारियों की दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की भागदौड़ ने प्रदेश की राजनीतिक गर्माहट बढ़ा दी है। राजधानी पर नए राजनीतिक कयासों के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष पंंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के बाद राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट के बड़े निहितार्थ हैं। चुनावी वर्ष में भाजपा ने मंत्रिमंडल एवं संगठन में अहम बदलावों के जरिए बड़ा चुनावी संदेश देने का गुणा गणित समझा है। बंगाल चुनाव के आसपास बदलाव की संभावना ज्यादा है।


प्रदेश इकाई ने फरवरी-मार्च में संगठन से लेकर सरकार के विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया। संघ और संगठन के बीच महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। लेेकिन इसके बाद लंबी खामोशी के बाद अचानक हलचल तब बढ़ी, जब प्रदेश अध्यक्ष एवं संगठन महामंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। अगले दिन लखनऊ में दोनों सीएम योगी से मिले।

अगले दिन राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को लखनऊ भेजा गया, जहां उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही एवं भूपेंद्र चौधरी समेत कई मंत्रियों एवं संगठन पदाधिकारियों से मिलकर मंत्रिमंडल विस्तार, क्षेत्रीय अध्यक्षों के समीकरण एवं प्रदेश इकाई में पदाधिकारियों को लेकर फीडबैक लिया।

लखनऊ में दो दिनी ठहराव के बीच तावड़े ने नौ साल के कार्यकाल के दौरान सरकार के प्रति सत्ता रोधी रुझान एवं पीडीए के नैरेटिव के असर की थाह ली। संगठन के चुनावी होमवर्क की प्रगति रिपोर्ट को परखा।

चुनावी दंगल में उतरने से पहले पार्टी ने बड़े बदलावों के साथ कार्यकर्ताओं के बीच नए तेवर के साथ पहुंचने की रणनीति बनाया है। पिछले माह प्रदेशभर में नगरीय निकायों में 2802 सभासदों के समायोजन का परिणाम सकारात्मक मिलने से उत्साहित भाजपा निगम, आयोग, बोर्ड एवं प्राधिकरणों की रिक्तियां भरना चाहती है।

प्रदेश एवं क्षेत्रीय संगठन के निर्माण एवं मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए फैक्टर का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अगर पार्टी बड़े निर्णय लेने से बची तो मंत्रिमंडल में छह नए चेहरों को शामिल कर जातीय एवं क्षेत्रीय समीकरण साधा जाएगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उत्साहित भाजपा मंत्रिमंडल में कम से कम एक महिला को शामिल करने का प्रयास करेगी।