ईंटों के बढ़ते दाम से घर बनाना हुआ महंगा, निर्माण लागत बढ़ने से आम लोगों की बढ़ी चिंता
- By Gaurav --
- Thursday, 02 Jul, 2026
Rising Brick Prices Push Up Construction
महंगाई का असर अब निर्माण क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईंटों समेत निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम और मध्यम वर्ग के लिए अपना घर बनाना पहले की तुलना में अधिक महंगा और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले की तुलना में ईंटों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में एक हजार ईंटों की कीमत 8,000 से 9,000 रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही सीमेंट, सरिया, रेत और मजदूरी की बढ़ती लागत ने मकान निर्माण का कुल खर्च भी काफी बढ़ा दिया है।
लोगों का कहना है कि पहले जिस राशि में मकान का बड़ा हिस्सा तैयार हो जाता था, अब उसी बजट में मुश्किल से नींव का कार्य पूरा हो पा रहा है। बढ़ती लागत के कारण कई परिवारों ने अपना निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया है, जबकि कुछ लोगों ने फिलहाल नया घर बनाने की योजना टाल दी है।
निर्माण सामग्री के कारोबारियों का भी कहना है कि बढ़ती कीमतों का असर कारोबार पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, पहले जहां रोजाना कई ग्राहक ईंटें और अन्य निर्माण सामग्री खरीदने आते थे, वहीं अब अधिकांश लोग केवल कीमत की जानकारी लेकर लौट जाते हैं। इसका असर निर्माण उद्योग के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरों के रोजगार पर भी दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महंगाई का सबसे अधिक बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
हालांकि, ईंटों और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के पीछे परिवहन लागत, ईंधन कीमतों, कच्चे माल और बाजार की मांग जैसे कई आर्थिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी कारकों का संयुक्त प्रभाव निर्माण लागत पर पड़ता है।