राजस्थान: डीडवाना में 61 जर्जर स्कूलों पर बुलडोजर कार्रवाई, मानसून से पहले सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

राजस्थान: डीडवाना में 61 जर्जर स्कूलों पर बुलडोजर कार्रवाई, मानसून से पहले सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

Bulldozer action against 61 dilapidated schools

Bulldozer action against 61 dilapidated schools

Rajasthan: Bulldozer action against 61 dilapidated schools, राजस्थान में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही डीडवाना जिले के 61 स्कूलों को बुलडोजर से गिराने का आदेश जारी हो गए है. ये सभी स्कूल भवन सरकारी हैं, जो या तो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं या उनका कुछ हिस्सा गिरने की कगार पर है. इसीलिए प्रशासन मानसून की बरसात शुरू होने से पहले इन्हें ध्वस्त करने के काम में जुटा है, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिल सके.

'पास के स्कूलों में शिफ्ट किए गए बच्चे'

इस संबंध में जब गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अजीत सिंह देथा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि, 'जिले में कुल 416 माध्यमिक शिक्षा स्कूल हैं, जिनका मानसून से पहले सर्वे किया गया है. इनमें से 16 भवन पूरी तरह से जर्जर पाए गए हैं, जबकि 45 भवन आंशिक जर्जर मिले हैं. इन सभी जगहों पर क्लास लगाने पर तत्काल रोक लगा दी गई है और बच्चों को पास के दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है ताकि उनकी पढ़ाई को नुकसान न हो. कुछ जगहों पर जहां बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां दो शिफ्ट में स्कूल चलाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिस पर मंजूरी के बाद जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे.' 

DEO ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के बाद पूरी तरह से जर्जर भवनों को बुलडोजर से गिराया जाएगा. जबकि जिस स्कूल के एक या उससे अधिक कमरे जर्जर हैं, उन्हें विशेष कमेटी की निगरानी में इस तरह से गिराया जाएगा, जिससे पास के कमरों को खतरा न पहुंचे.

जिन स्कूलों पर बुलडोजर एक्शन होगा उनके नाम देख लीजिए

'जिस छत से पानी टपकता है उस कमरे में नहीं बैठेंगे बच्चे'

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) रूपाराम ने आगे बताया कि, 'हम स्कूल खुलने के साथ ही भवनों की छतों की सफाई, नालियों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच भी कर रहे हैं. हमने जर्जर, असुरक्षित और छत से पानी टपकने वाले भवनों में बच्चों को बैठाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. ऐसे भवनों की बैरिकेडिंग कर प्रवेश रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं. ऐसे भवनों पर बुलडोजर एक्शन के बाद जल्द ही निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराया जाएगा.'

Didwana Govt School Bulldozer Action Before Monsoon 2026

जिन स्कूलों में अतिरिक्त जगह है वहीं पर बच्चों को बैठाकर पढ़ाई जारी रखी गई है.

'झालावाड़ जैसे हादसे को रोकने की कोशिश'

खास बात है कि इस बार अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक से अधिक स्कूलों का खुद सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं. शिक्षा विभाग के इस कदम का उद्देश्य 25 जुलाई 2025 को झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे जैसी घटनाओं को रोकना है, जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 28 बच्चे घायल हो गए थे. उस वक्त भी अचानक स्कूल की जर्जर छत भरभरा कर गिर पड़ी थी, जिसके मलबे में कुल 35 बच्चे दब गए थे.

 

Jhalawar School Hadsa

पिछले साल झालावाड़ में स्कूल की छत के मलबे में दबकर 7 बच्चों की मौत हो गई थी.

राजस्थान में मानसून कब आएगा 2026?

भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र की मानें तो मौसम अगले 24 घंटों में मानसून के राजस्थान में एंट्री करने की संभावना है. इसके चलते 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इनमें हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, नागौर, अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद जिले का नाम शामिल है.