उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का कायाकल्प: निजी वाहनों की निर्भरता कम करने के लिए परिवहन विभाग की बड़ी योजना
Revamping Public Transport in Uttar Pradesh
लखनऊ। Revamping Public Transport in Uttar Pradesh, प्रदेश सरकार ने बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और ईंधन की खपत को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। निजी वाहनों का उपयोग कम करने और लोगों को बसों व ई-वाहनों की ओर आकर्षित करने के लिए कार्ययोजना बनेगी।
पीक आवर्स में बसों के फेरे बढ़ाने, बड़े कार्यालयों के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने और ई-वाहनों को प्रोत्साहन देने की तैयारी है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आगामी 12 माह के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट देने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ई-वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल सके।
व्यस्त समय में बसों के अतिरिक्त फेरे चलाए जाएं
11 मई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिले निर्देशों के क्रम में यह निर्णय लिया गया है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में बसों के अतिरिक्त फेरे चलाए जाएं, जिससे लोग निजी कारों की बजाय बसों का अधिक उपयोग करें।
इसके अलावा जिन सरकारी या निजी कार्यालयों में 500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के समन्वय से विशेष बस सेवाएं शुरू की जाएं। विभागों में चल रही ‘पूल कार’ व्यवस्था का ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए। जिन अधिकारियों के पास आवश्यकता से अधिक वाहन आवंटित हैं, उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा।
साथ ही डीजल और पेट्रोल के उपयोग में हर संभव कटौती सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभागीय कार्यालयों और रोडवेज डिपो में बिजली बचत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। रात 10 बजे के बाद अनावश्यक लाइटें बंद रखने और कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पर निर्धारित करने को कहा गया है।
चंदौली मॉडल के तहत गोबर गैस से ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था का अध्ययन कर उसे रोडवेज डिपो और कार्यशालाओं में लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही रोडवेज निगम की कैंटीनों में आयातित खाद्य तेल के उपयोग को कम करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने को कहा गया है।
पीएनजी कनेक्शन और बायो-बिटुमेन पर जोर
सभी डिपो और कार्यालयों में पीएनजी कनेक्शन की संभावनाओं का परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। निर्माण कार्यों में आयातित बिटुमेन की जगह यथासंभव ‘बायो-बिटुमेन’ का उपयोग किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों की आगामी छह माह तक होने वाली शासकीय विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी। मुख्यालय से बाहर के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में भौतिक उपस्थिति की बजाय वर्चुअल मीटिंग (वीसी) होगी।