स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत, यूपी सरकार ने लागू की नई व्यवस्था
Relief for smart meter consumers
लखनऊ। Relief for smart meter consumers, प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत देते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत जहां स्मार्ट मीटर अभी हाल ही में लगे हैं, उन्हें 15 दिन की कन्वर्जन अवधि और उसके बाद 30 दिन यानी कुल 45 दिन तक उनका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। वहीं, जीरो बैलेंस होने पर भी अधिकतम तीन दिन या 200 रुपये तक (दो किलोवाट भार तक) बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार को शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय रहते सतर्क करने के लिए पांच-स्तरीय एसएमएस अलर्ट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें बैलेंस 30 प्रतिशत होने, 10 प्रतिशत होने, बैलेंस खत्म होने, डिस्कनेक्शन से एक दिन पहले और डिस्कनेक्शन के बाद संदेश भेजे जाएंगे। साथ ही रविवार और अन्य अवकाश के दिन किसी भी स्थिति में कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
गर्मी को देखते हुए मंत्री ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। हिदायत दी कि ट्रांसफार्मर बदलने में देरी न हो, ढीले तार और स्पार्किंग की समस्या तुरंत ठीक की जाए और मरम्मत के कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट चुके हैं, उनसे फोन के जरिये संपर्क कर समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा/अध्यक्ष पावर कारपोरेशन आशीष गोयल, डीजी विजिलेंस जय नारायण सिंह सहित सभी डिस्काम के एमडी और जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।
तकनीकी समिति में यह लोग हैं शामिल
उच्चस्तरीय तकनीकी समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा व प्रोफेसर प्रबोध वाजपेयी, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वड़ोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री तथा पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को बतौर संयोजक शामिल किया गया है। यह समिति 10 दिनों में पावर कारपोरेशन को स्मार्ट मीटरों का तकनीकी परीक्षण कर गुणवत्ता के संबंध में रिपोर्ट सौंपेगी।