राजस्थान के अमृत लाल मीणा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय शिक्षा सुधार टास्क फोर्स में बने सदस्य
Rajasthan's Amrit Lal Meena entrusted
Rajasthan's Amrit Lal Meena entrusted, नीट परीक्षा में पेपर लीक के मामले पर भारी हंगामे के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए एक हाई लेवल टास्क फोर्स का गठन किया है. पीएम मोदी ने इसकी घोषणा करते हुए इंस्टाग्राम पर कहा कि यह टास्क फोर्स देश की शिक्षा व्यवस्था में अगली पीढ़ी के सुधारों के बारे में विचार करेगी और भारत के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाएगी. इस समिति में छह सदस्य हैं तथा इसका गठन भारत की अग्रणी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी इसका नेतृत्व करेंगे. इस समिति में राजस्थान के पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा को भी शामिल किया गया है. मीणा समिति में बतौर लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अपना योगदान देंगे. उन्हें दी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बाद राजस्थान के करौली जिले में गर्व का माहौल है.
अमृत लाल मीणा करौली जिले के सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के डाबरा गांव के मूल निवासी हैं. उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का सदस्य मनोनीत किए जाने पर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है. उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को सपोटरा ही नहीं, बल्कि पूरे करौली जिले के लिए सम्मान की उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी नियुक्ति की जानकारी सामने आने के बाद सपोटरा क्षेत्र सहित करौली जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है.
इस घोषणा के बाद सपोटरा के स्थानीय विधायक हंसराज बालौती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, "यह हम सभी क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है. आपकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से न केवल हमारे सपोटरा क्षेत्र का मान-सम्मान बढ़ा है, बल्कि समाज के युवाओं को भी अपने परिश्रम, ईमानदारी और उत्कृष्ट सेवा से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी."
स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. उनका जीवन संदेश देता है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं में स्थान बनाकर समाज और राष्ट्र की सेवा की जा सकती है. क्षेत्रवासियों ने विश्वास जताया है कि नई जिम्मेदारी में भी अमृत लाल मीणा अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता से महत्वपूर्ण योगदान देंगे. लोगों का कहना है कि अमृत लाल मीणा ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता से पूरे देश में क्षेत्र का नाम रोशन किया है.
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर बने IAS
अमृत लाल मीणा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए सुशासन, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई. उनकी कार्यशैली हमेशा पारदर्शिता, दक्षता और जनहित के प्रति समर्पण के लिए पहचानी जाती रही है.
अम़त लाल मीणा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री (B.E.) प्राप्त की और 1989 में उनका भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुआ. उन्हें बिहार काडर मिला जहां अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने बिहार सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली. वो विभिन्न विभागों में प्रधान सचिव और अपर मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे. वह अगस्त 2024 से अगस्त 2025 तक बिहार सरकार के मुख्य सचिव रहे जो राज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियों में से एक है.
मुख्य सचिव के रूप में उन्होंने राज्य की विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों, आपदा प्रबंधन और शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इससे पूर्व वह केंद्र में कोयला मंत्रालय में सचिव रहे, और उससे पहले उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) रहे.
सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके प्रशासनिक अनुभव और दक्षता को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का सदस्य बनाया गया है. माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में मिलेगा.