राजस्थान HC का स्टेनोग्राफर भर्ती मामले में अहम फैसला: पूरी मेरिट लिस्ट रद्द
Rajasthan HC's Key Verdict in Stenographer
Rajasthan HC's Key Verdict in Stenographer, स्टेनोग्राफर और पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II भर्ती से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. स्टेनोग्राफर भर्ती की पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट को गैरकानूनी माना है. अदालत ने प्रोविजनल और फाइनल, दोनों मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है. साथ ही हाईकोर्ट ने 45 दिन के भीतर नई मेरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं. जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा व अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता संदीप पाठक व जया पाठक ने पैरवी की.
याचिकाकर्ता का तर्क- मेरिट लिस्ट प्रभावित हुई
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने स्टेनोग्राफर और पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड 2 भर्ती करवाई थी. नियमों के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम 20 प्रतिशत गलती करने की अनुमति थी. वहीं, SC/ST वर्ग के लिए 25 प्रतिशत तक की छूट दी गई थी. लेकिन बोर्ड ने बाद में सभी श्रेणियों में 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दे दी. याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना छूट के ही पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध थे. इसके बावजूद नियम बदलकर कम अंक वालों को मौका दिया गया. इससे मेरिट लिस्ट प्रभावित हुई.
5 फीसदी अतिरिक्त छूट को बताया अवैध
बता दें कि 26 फरवरी 2024 को 444 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा व स्किल टेस्ट (स्टेनोग्राफी) पर आधारित थी. इसके लिए 29 जून 2025 को भर्ती परीक्षा का आयोजन करवाया गया था. कोर्ट में दलील दी गई कि 444 पदों के मुकाबले 643 उम्मीदवार पहले ही योग्य थे, फिर भी 904 उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया. इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में 5% अतिरिक्त छूट को पूरी तरह अवैध और मनमाना बताया.
29 जून को हुई थी भर्ती परीक्षा
कोर्ट ने माना कि चयन प्रक्रिया के बीच नियम बदलना गलत है. यह मेरिट की गुणवत्ता को प्रभावित करता है. इसी आधार पर कोर्ट ने 25 सितंबर 2025 की प्रोविजनल और 21 अक्टूबर 2025 की फाइनल मेरिट लिस्ट निरस्त कर दी.