पंजाब के 18,000 सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर शुरू, छात्र अनुपस्थित होने पर अभिभावकों को मिलेगा SMS
- By Gaurav --
- Thursday, 09 Apr, 2026
Punjab Launches Online Attendance
पंजाब सरकार ने राज्य के करीब 18,000 सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर सिस्टम लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र स्कूल से अनुपस्थित रहता है तो उसके अभिभावकों को तुरंत एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
यदि कोई छात्र लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आता है तो स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को सीधे फोन किया जाएगा। वहीं, यदि अनुपस्थिति लंबी अवधि तक जारी रहती है तो 15 दिनों के बाद जिला और मुख्यालय स्तर के अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस प्रणाली की शुरुआत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे न केवल छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखी जा सकेगी बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इस प्रणाली के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 30 लाख छात्रों को कवर किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने “समर्थ प्रोजेक्ट” भी शुरू किया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद से राज्य के शिक्षा तंत्र में कई सुधार किए गए हैं। पहले स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें सितंबर या अक्टूबर तक पहुंचती थीं, जिससे छात्रों को फोटोकॉपी के सहारे पढ़ाई करनी पड़ती थी। लेकिन इस वर्ष सुधारों के चलते फरवरी में ही किताबें स्कूलों तक पहुंचा दी गईं और 1 अप्रैल को छात्रों को बंडल के रूप में वितरित कर दी गईं, ठीक निजी स्कूलों की तरह, ताकि पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।
शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियां
शिक्षा विभाग के अनुसार PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले तीन वर्षों में हुई उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ का अगला चरण शुरू किया गया है। विभाग का दावा है कि लगातार किए गए सुधारों से छात्रों के सीखने के परिणामों में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है।
मुख्य सुधार और उपलब्धियां:
- पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर ₹19,279 करोड़ हो गया है।
- राज्य में 118 आधुनिक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए गए हैं।
- प्रिंसिपल और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया गया।
- 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की भर्ती की गई।
- NAS 2024 में पंजाब शीर्ष राज्यों में शामिल रहा।
- सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है और छात्रों को बेहतर सीखने का माहौल मिल रहा है।