गर्भवती महिला की मौत मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी बरकरार, हाई कोर्ट ने खारिज की अपील
- By Gaurav --
- Saturday, 20 Jun, 2026
Punjab and Haryana High Court Upholds Dismissal
Punjab and Haryana High Court ने गर्भवती महिला की मृत्यु से जुड़े मामले में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपने कार्यक्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की पहचान करना और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मूल जिम्मेदारी है।
न्यायमूर्ति Ashwani Kumar Mishra और न्यायमूर्ति Rohit Kapoor की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार एवं अन्य पक्षों के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि कार्यकर्ता का स्पष्टीकरण उसकी कार्यप्रणाली में गंभीर कमी को दर्शाता है। अदालत ने इसे सेवा संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में बड़ी चूक माना।
जांच में यह सामने आया था कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने महिला की गर्भावस्था की जानकारी विभाग को नहीं दी थी और न ही उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की थी। इसके बाद विभाग ने उसकी संविदात्मक सेवाएं समाप्त कर दी थीं।
कार्यकर्ता ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती देते हुए दावा किया था कि महिला के हावभाव से उसे गर्भावस्था का पता नहीं चल सका। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि यह जिम्मेदारी से बचने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। अदालत ने विभाग की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।