Probationary IFS officers learnt about JICA project: Project Director Shrestha Nand Sharma
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प्रोबेशन आईएफएस अफसरों ने लिया जाइका परियोजना का ज्ञान: -परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने दी विस्तृत जानकारी

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Probationary IFS officers learnt about JICA project:

शिमला। 2024 बैच के आईएफएस प्रोबेशन अफसरों ने जाइका वानिकी परियोजना के बारे ज्ञान हासिल किया। अभिषेक परिहार और अजय सिंह मीणा वीरवार को परियोजना प्रबंधन इकाई शिमला पहुंचे। इस अवसर पर परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने आईएफएस अफसरों को परियोजना और वन विभाग में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों और गतिविधियों के बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पौधरोपण, आजीविका सुधार और आय सृजन गतिविधियों के बारे अवगत करवाया। जड़ी-बूटी प्रकोष्ठ के निदेशक डा. एसके काप्टा ने जैव विविधता के बारे जानकारी दी। बता दें कि प्रोबेशन आईएफएस अधिकारी अभिषेक परिहार और अजय सिंह मीणा राजस्थान राज्य से संबंध रखते हैं।


परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने बताया कि जाइका वानिकी परियोजना का मुख्य लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में सतत् सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वन क्षेत्रों द्वारा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के 7 जिलों किन्नौर, शिमला, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा के 9 वन वृतों, 22 वन मंडलों, 72 वन परिक्षेत्रों में कार्यान्वित की जा रही है।

परियोजना निदेशक ने अवगत करवाया कि हिमाचल प्रदेश जाइका वानिकी परियोजना में 460 ग्राम वन विकास समितियां और 920 स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किए गए हैं। वनों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए परियोजना द्वारा पौधरोपण किया जा रहा है। अब तक 8 हजार 300 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना और राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत भी प्रदेश में पौधे रोपे जा रहे हैं। इस दौरान प्रोग्राम मैनेजर्स विनोद शर्मा, रीना शर्मा, डा. कौशल्या कपूर, दिशा गौतम और जड़ी-बूटी सैल के मैनेजर मार्केटिंग डा. राजेश चौहान ने अपने-अपने घटकों से संबंधित परियोजना के बारे विस्तृत प्रस्तुति भी दी।