यूपी में आर्थिक रूप से कमजोर राशन दुकानों के पुनर्गठन की तैयारी
Preparations Underway in UP
भारत सरकार ने आर्थिक अलाभकारी दुकानों के विलय की सलाह दी।
यूपी में 52,218 ऐसी दुकानें, 15 दिन में रिपोर्ट मांगी।
लखनऊ। Preparations Underway in UP, प्रदेश में 500 से कम राशन कार्ड वाली उचित दर दुकानों (एफपीएस) का नजदीकी दुकानों में विलय या स्थानांतरण करने की तैयारी हो रही है।
भारत सरकार ने इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग को पत्र भेजा है, जिसमें ऐसी उचित दर दुकानों के पुनर्गठन की सलाह दी गई है।
प्रदेश में फिलहाल ऐसी 52,218 दुकानें हैं, जिनसे 500 से कम राशन कार्ड संबद्ध है। मामले में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त खाद्य एवं रसद रणवीर प्रसाद ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को संबंधित दुकानों के विलय, स्थानांतरण या पुनर्गठन करने और इसकी आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पोर्टलों पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर देश भर में प्रत्येक एफपीएस से जुड़े राशन कार्डों की संख्या का विश्लेषण किया है।
इसमें सामने आया कि बड़ी संख्या में एफपीएस वर्तमान में 500 से कम राशन कार्डों के साथ काम कर रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से अलाभकारी हो गए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राशन कार्ड की संख्या कम होने से एफपीएस के संचालन की स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
जनसंख्या घनत्व, भौगोलिक निकटता और व्यावहारिकता के आधार पर उचित मूल्य दुकानों के युक्तिकरण के लिए कार्रवाई शुरू करने की सलाह दी गई है।
इसके लेकर खाद्य एवं रसद आयुक्त की ओर से जिला पूर्ति अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश की नगरीय क्षेत्र की 5137 एफपीएस और ग्रामीण क्षेत्र की 47,081 एफपीएस पर 500 से कम राशन कार्ड सम्बद्ध हैं।
भारत सरकार के निदेशों के अनुपालन में आवश्यकतानुसार एफपीएस का विलय, स्थानांतरण या पुनर्गठन आदि उपाय किए जाएं। 15 दिन में इसकी आख्या उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।