चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
Preparations for the 2026 Char Dham Yatra Intensify
देहरादून। Preparations for the 2026 Char Dham Yatra Intensify, प्रदेश में 19 अप्रैल से प्रारंभ होने वाली चारधाम यात्रा के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सामान्य स्थिति में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
देश-विदेश से जो भी यात्री आएंगे, वे धामों में सुरक्षित और सुखद दर्शन कर सकें, यह सरकार सुनिश्चित करेगी। इतना जरूर है कि दर्शन व्यवस्था के अनुसार होंगे, क्योंकि सभी की सुरक्षा हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
समन्वित प्रयासों से चारधाम यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु अनुकूल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने एक वक्तव्य में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है।
इस दौरान राज्य के लोग देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उनके लिए व्यवस्थाएं करते हैं।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। यह तैयारियां पिछले वर्ष की यात्रा संपन्न होते ही शुरू कर दी गई थीं।
उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष आपदा के चलते चारधाम यात्रा डेढ़ माह से ज्यादा समय तक बाधित रही थी। इसके बावजूद 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए। इस बार की यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह है।
अभी तक हो चुके 10 लाख से ज्यादा पंजीकरण इसका उदाहरण है। यही नहीं, गढ़वाल मंडल विकास निगम के अतिथि गृहों में ठहरने के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। राज्य का जैसा भौगोलिक परिक्षेत्र है, उसमें यात्रा चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन यात्रा सुरक्षित हो यह सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
सभी श्रद्धालुओं को दर्शन हों, इसके लिए शासन-प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों के साथ समन्वय व संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
प्रशासन द्वारा समय-समय पर यात्रा से संबंधित सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, ताकि वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। साथ ही व्यवस्थाओं का धरातलीय जायजा भी लेंगे।