सरकारी विभागों का विलय करने की तैयारी
सरकारी विभागों का विलय करने की तैयारी

सरकारी विभागों का विलय करने की तैयारी

सरकारी विभागों का विलय करने की तैयारी

हॉयर एजुकेशन में मर्ज होगा टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट
हाउसिंग बोर्ड का भी होगा हाउसिंग फॉर ऑल डिपार्टमेंट में विलय

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने आपस में मेल खाते दो विभागों का विलय करने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सरकार इस संबंध में फैसला लेगी।

सरकार ने तकनीकी शिक्षा विभाग को हॉयर एजुकेशन में मर्ज (विलय) करने की तैयारी कर ली है। दोनों विभागों के प्रशासनिक सचिव का जिम्मा भी एक ही आईएएस के पास है। इसी तरह से दोनों विभागों का महानिदेशक भी एक ही अधिकारी को बनाया हुआ है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब विभाग ने मर्जर के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों विभागों में क्लास-वन से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के स्टॉफ की लिस्ट तैयार होगी। हालांकि अधिकारियों के बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद हो सकता है। इसका हल निकालने के लिए विभाग का मर्जर होने के बाद उसमें अलग-अलग विंग बनाई जा सकती है। मसलन, हॉयर एजुकेशन में यूनिवर्सिटी को डील करने के लिए अलग विंग होगी तो कॉलेजों के लिए अलग से ब्रांच बनेगी।

इसी तरह से पॉलिटेक्निक के लिए अलग से विंग हो सकती है और इंजीनियरिंग कॉलेज की इकाई अलग बनाई जा सकती है। वर्तमान में हरियाणा में 26 सरकारी पॉलिटेक्निक हैं। 11 कॉलेज सोसायटी मोड में चलाए जा रहे हैं। 4 एडिड कॉलेज हैं और 80 के लगभग प्राइवेट पॉलिटेक्निक हैं। ये सभी मर्जर के बाद हॉयर एजुकेशन का पार्ट होंगे। हालांकि हॉयर एजुकेशन अपने आप में पहले से ही बहुत बड़ा विभाग है। 

प्रदेश की अधिकांश यूनिवर्सिटी के अलावा सरकारी व प्राइवेट डिग्री कॉलेज इसके अधीन आते हैं। हॉयर एजुकेशन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण का कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तकनीकी शिक्षा विभाग को हॉयर एजुकेशन में मर्ज करने के आदेश दिए हैं। अब इसके लिए प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि दोनों ही विभागों के सचिव व महानिदेशक पहले से ही एक हैं। मर्जर होने के बाद दोनों विभागों की मंजूरियों में भी आसनी होगी। मॉनिटरिंग भी सही से की जा सकेगी।

दूसरी ओर हाउसिंग बोर्ड को भी हाउसिंग फॉर ऑल डिपार्टमेंट में विलय किया जाएगा। हालांकि बोर्ड को पहले ही सरकार हाउसिंग फॉर आल विभाग के अधीन कर चुकी है लेकिन अब अधिकारिक तौर पर विलय होगा। हाउसिंग फॉर ऑल डिपार्टमेंट के निदेशक को हाउसिंग बोर्ड का पदेन मुख्य प्रशासक नियुक्त किया जाता है। इसी तर्ज पर कुछ और भी विभागों को मर्ज करने की प्लानिंग चल रही है।

वर्तमान में प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर हैं। स्कूल शिक्षा के साथ हॉयर एजुकेशन भी उनके पास है। वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज हैं। मर्जर के बाद दोनों विभागों का मंत्री भी एक ही होगा। यानी दोनों में से किसी एक मंत्री का एक विभाग कम होगा।

सोसायटी मोड में चल रहे 11 पॉलिटेक्निक कॉलेजों को तकनीकी शिक्षा विभाग में मर्ज के आदेश कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पिछले साल दिए थे। इसकी प्रपोजल बनाकर सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में जा चुकी है। यह फाइल कई दिनों से लटकी हुई है। माना जा रहा है कि तकनीकी शिक्षा विभाग का हॉयर एजुकेशन में मर्ज करने से पहले सरकार को सोसायटी पॉलिटेक्निक का विभाग में विलय करना होगा।

युवाओं को गुणवतायुक्त और अच्छी शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए तकनीकी शिक्षा एवं उच्चतर शिक्षा विभाग का समायोजन किया जाएगा। इससे सरकार पर पडऩे वाला अनावश्यक बोझ भी कम होगा और युवाओं को बेहतरीन स्तर की तकनीकी और उच्चतर स्तर की शिक्षा संयुक्त रूप से मिल सकेगी।
मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री।