प्रयागराज: अग्निकांड का भावुक कर देने वाला CCTV फुटेज आया सामने, चारों बच्चों को सुरक्षित निकाल काल के गाल में समा गई जांबाज 'अर्चना'

प्रयागराज: अग्निकांड का भावुक कर देने वाला CCTV फुटेज आया सामने, चारों बच्चों को सुरक्षित निकाल काल के गाल में समा गई जांबाज 'अर्चना'

Prayagraj: Heart-wrenching CCTV footage of the fire tragedy

Prayagraj: Heart-wrenching CCTV footage of the fire tragedy

Prayagraj: Heart-wrenching CCTV footage of the fire tragedy,  पुराने नैनी बाजार में 12 मई की रात करीब नौ बजे प्लास्टिक के गोदाम और फिर मकान में लगी आग से 35 वर्षीय अर्चना पत्नी संजीव की मौत हो गई थी। घटना के चार दिन बाद शनिवार को  इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। उसमें अर्चना कैसे अपनी दो बेटियों व एक बेटे व एक भतीजे को बचा रही है, सब कुछ दिखा।

सभी बच्चों को पड़ोसी की छत पर सकुशल पहुंचाया

अर्चना एक-एक कर चारों बच्चों को सुरक्षित दूसरे की छत पर पहुंचा दिया, जबकि खुद काल के गाल में समा गई। इन फुटेजों को लोेगों ने देखा तो उनकी आंखें भर आईं। अर्चना की बहादुरी को सभी ने सलाम करते हुए कहा कि कलेजे के टुकड़ों को बचाने के लिए खुद अपनी जान की परवाह नहीं की।

तीन भाई प्लास्टिक सामानों के कारोबारी 

नैनी गांव निवासी रामलाल के पुत्र रविंद्र, संजीव और राजू का परिवार पुरानी बाजार में एक ही मकान में रहते हैं। तीनों परिवार का संयुक्त रूप से प्लास्टिक के सामानों का कारोबार है। तीन मंजिला मकान के बेसमेंट में गोदाम बनाया गया था, जिसमें प्लास्टिक के सामान रखे गए थे। जबकि ऊपरी तलों पर तीनों भाइयों का परिवार रहता था।

धुएं से दम घुटने से अर्चना की हुई थी मौत 

12 मई की रात गोदाम फिर मकान में भीषण आग लग गई थी। इसमें अर्चना की धुएं से दम घुटने से मौत हो गई थी। शनिवार को इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इसमें नजर आ रहा है कि परिवार के सदस्य सरिता, ओम, परम, संजीव, राजू, रुचि, गौरी सुरक्षित बाहर निकाल आए थे, जबकि अर्चना पत्नी संजीव पुत्री प्रियांशी, शिवान्या व पुत्र राघव और भतीजे लव के साथ मकान में फंस गई थी।

अर्चना ने अपने बच्चों और भतीजे की जान बचाई

अर्चना चारों बच्चों को लेकर छत पर पहुंचीं। सामने मकान में रहने वाले पड़ोसी अपनी छत पर आ गए। बीच में गली थी, इसलिए पड़ोसी की छत पर जाना आसान नहीं था। अर्चना ने अपने डेढ़ वर्ष के बेटे राघव को चादर में लपेटा और पड़ोसी की तरफ उछाल दिया। पड़ोसी ने बच्चे को पकड़ लिया और सुरक्षित छत पर रखा। इसी बीच अर्चना की नजर छत पर रखी सीढ़ी पर पड़ी तो वह उसे उठा लायी और उसे पड़ोसी की छत पर लगाते हुए 13 वर्षीय पुत्री प्रियांशी, 10 वर्षीय शिवान्या व सात वर्षीय भतीजे लव को सुरक्षित दूसरे छोर पर पहुंचा दिया। इसी आपाधापी और धुएं के गुबार के कारण अर्चना अचेत होकर गिर पड़ी। बाद में फायरकर्मियों ने पड़ोसी की छत से जैसे-तैसे उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।