प्रयागराज मंडल: राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने के कड़े निर्देश
Prayagraj Division: Strict instructions to expedite
प्रयागराज। मंडल में राजस्व वादों की तेजी से बढ़ती संख्या और निस्तारण में ढिलाई को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने सख्त कदम उठाएं हैं। उन्होंने बुधवार को मंडल के सभी जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों के साथ आनलाइन मीटिंग में राजस्व वादों को गुणवत्ता के साथ तेजी से निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। चेतावनी भी दी कि लापरवाही बरतने वालों के वार्षिक गोपनीय बुक में भी दर्ज कराया जाएगा, जिससे उनकी प्रोन्नति भी फंस सकती है। इसके साथ ही अफसरों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है।
प्रयागराज मंडल में कुल 106367 राजस्व वाद लंबित
प्रयागराज मंडल में कुल 106367 राजस्व वाद लंबित हैं, जिनमें प्रयागराज में 42640, प्रतापगढ़ में 30769, फतेहपुर में 12313 तथा कौशांबी में 8012 वाद लंबित हैं। शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त ने मंडल के सभी 19 तहसीलों के एसडीएम-तहसीलदारों को निस्तारण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। तहसीलवार लंबित वादों की संख्या, उनकी प्रकृति तथा लंबित रहने के कारणों की समीक्षा की।
माह के अंत तक निस्तारण लक्ष्य निर्धारित हो
फरवरी में निस्तारण की तहसीलवार जानकारी लेकर माह के अंत तक निस्तारण लक्ष्य निर्धारित किया। स्पष्ट किया कि किसी वाद में अंतिम आख्या प्राप्त होने के पश्चात उसे पोर्टल पर अपलोड किए बिना उस प्रकरण को पूर्णतः निस्तारित नहीं माना जाएगा। जिन तहसीलों में अपेक्षाकृत कम संख्या में वादों का निस्तारण पाया गया, वहां के उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को कड़ी फटकार लगाई।
विशेष अभियान चलाने के निर्देश
सर्वाधिक लंबित वाद होने पर एसडीएम सोरांव को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि जिन तहसीलों में निस्तारण की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई जाएगी, वहां के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी एसडीएम, तहसीलदारों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा किए गए निस्तारण के बिंदुओं को उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) में सम्मिलित किया जाएगा।अगली समीक्षा में निस्तारण का मूल्यांकन होगा। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने यह स्पष्ट किया कि केवल संख्यात्मक वृद्धि ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं न्यायोचित निस्तारण अनिवार्य है।