प्रभास दनसाना बने आरडीएसओ के नए महानिदेशक
Prabhas Dansana is the new Director General
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1989 बैच के आईआरटीएस अधिकारी हैं दनसाना
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रेलवे बोर्ड में प्रधान कार्यकारी निदेशक यातायात परिवहन के पद पर थे तैनात
लखनऊ । भारतीय रेल यातायात सेवा (आईआरटीएस) के 1989 बैच के अधिकारी प्रभास दनसाना अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ) के नए महानिदेशक बन गए हैं।
उन्होंने गुरुवार को अपना कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले वह रेलवे बोर्ड में प्रधान कार्यकारी निदेशक यातायात परिवहन (एम) के पद पर कार्यरत थे, जहां राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई संचालन एवं नीतिगत मामलों की देखरेख कर रहे थे।
प्रभास दनसाना आरडीएसओ के महानिदेशक के रूप में भारतीय रेल में अनुसंधान, मानकीकरण, नवाचार एवं तकनीकी उन्नयन को और सशक्त करेंगे। उनके इस प्रयास से आधुनिकीकरण, सुरक्षा संवर्धन तथा क्षमता वृद्धि के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
दनसाना ने राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। जून 2024 से वह कंटेनर कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (कानकार) के निदेशक मंडल में अंशकालिक सरकारी निदेशक के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।
वर्ष 1991 में भारतीय रेल सेवा में प्रवेश किया और तीन दशकों से अधिक के अपने विशिष्ट कार्यकाल में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वे दक्षिण पूर्व रेलवे एवं पूर्व रेलवे में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के पद पर कार्य कर चुके हैं।
उन्होंने सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के रूप में समय पालन में सुधार व उपनगरीय रेल सेवाओं में नवाचार के उपायों की शुरुआत की। मेट्रो रेल कोलकाता में मुख्य यातायात प्रबंधक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली को लागू किया।
प्रभास दनसाना एक वरिष्ठ 1989 बैच के भारतीय रेलवे यातायात सेवा के अधिकारी हैं, जिन्होंने 1991 में रेलवे में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने दक्षिण पूर्वी रेलवे में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक और रेलवे बोर्ड में प्रधान कार्यकारी निदेशक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फरवरी 2026 तक प्रधान कार्यकारी निदेशक यातायात परिवहन थे।
उन्होंने कोलकाता मेट्रो के मुख्य यातायात प्रबंधक और सियालदह के मंडल रेल प्रबंधक के रूप में भी काम किया है, जहां उन्होंने स्वचालित किराया संग्रह और उपनगरीय ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार किया।