लखनऊ में पावर पेट्रोल महंगा, जानें ताजा रेट और वजह

लखनऊ में पावर पेट्रोल महंगा, जानें ताजा रेट और वजह

Power Petrol Gets Costlier in Lucknow

Power Petrol Gets Costlier in Lucknow

लखनऊ में पावर पेट्रोल अब 103.92 रुपये प्रति लीटर, पावर डीजल में बढ़ोतरी नहीं

सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम यथावत

लखनऊ। Power Petrol Gets Costlier in Lucknow, अमेरिका और इजराइल के ईरान पर लगातार हमले के कारण पश्चिम एशिया में युद्ध के माहौल का असर पेट्रो पदार्थों पर पड़ने लगा है।

एलपीजी रसोई गैस की किल्लत के बीच लखनऊ में शुक्रवार को पावर पेट्रोल के दाम में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पावर डीजल के दाम में कोई इजाफा नहीं किया गया है।

पावर पेट्रोल के दाम में दो रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब इसकी कीमत 103.92 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लखनऊ में 19 मार्च तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता है। सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं।

19 मार्च 2026 तक सामान्य पेट्रोल 94.69 रुपये प्रति लीटर बिका, इसमें कोई बदलाव नहीं दर्ज किया गया। इसी तरह से डीजल की कीमत 87.76 रुपये प्रति लीटर पर ही बिक रहा है। कीमतें स्थिर हैं, इनमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी

वैश्विक बाजार में पिछले कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में जो लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, उसमें शुक्रवार को थोड़ी नरमी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचे राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल के नेताओं के बयानों ने निवेशकों की चिंता को थोड़ा कम किया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे ब्रेंट क्रूड अब 106 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। इस राहत का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा है और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य कारण इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर और अधिक हमले न करने के संकेत दिए हैं। आश्वासन के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 94 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

भारत के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट भी हमारे आयात बिल को कम करने में मदद करती है। भले ही वैश्विक कीमतें गिरी हों, लेकिन भारतीय बाजार में आज भी दाम स्थिर रखे गए हैं, जो अपने आप में एक बड़ी राहत है क्योंकि तेल कंपनियां अक्सर बढ़ते बोझ का भार जनता पर डाल देती हैं।