पचपदरा कांड पर 'सियासी जंग': कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा पर सवाल, मंत्री जोगाराम पटेल बोले- "राजनीति न करे विपक्ष"

पचपदरा कांड पर 'सियासी जंग': कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा पर सवाल, मंत्री जोगाराम पटेल बोले- "राजनीति न करे विपक्ष"

Political War over the Pachpadra Incident

'Political War' over the Pachpadra Incident

'Political War' over the Pachpadra Incident, पचपदरा रिफाइनरी में आग पर सियासत गरमा गई है. राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस को मामले में राजनीति नहीं करने की नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा कि कांग्रेस टीका-टिप्पणी कर रही है. ऐसे वक्त में ये नहीं किया जाना चाहिए.  पटेल ने कहा, "टेंडर देना राज्य सरकार के हाथ नहीं होता है, यह भारत का पेट्रोलियम मंत्रालय तय करता है. मुझे नहीं लगता कि कम अनुभव वाली कंपनियों को टेंडर दिया गया है. ऐसे समय में कांग्रेस को किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, मैं भी ऐसे समय में कुछ नहीं कह सकता." इससे पहले, कांग्रेस के कई नेताओं ने बयान देते हुए सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए थे.  

जल्द घोषित होगी नई तारीख 

उद्घाटन कार्यक्रम टलने के बाद अगली तारीख को लेकर सवाल भी उठ रहा है. इस संबंध में जोगाराम पटेल ने बताया कि एक बार फिर से नई तिथि घोषित की जाएगी और प्रधानमंत्री की अगुवाई में भव्य कार्यक्रम होगा.

आग क्यों लगी, सवाल स्वाभाविक है- गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा था, "जनता में घटना को लेकर प्रतिक्रिया है और सवाल है कि आग क्यों लगी? जहां पीएम खुद आ रहे थे, वहां एक दिन पहले ऐसी घटना हो जाए तो स्वाभाविक है लोग चिंतित होंगे." इस मामले में टीकाराम जूली ने भी सवाल खड़े करते हुए पूछा कि रिफाइनरी के अंदर आखिर चल क्या रहा है? जिस रिफाइनरी की शुरुआत हमने की, राज बदलने के बाद में इन लोगों ने अटका कर रखा, उस पर काम ही नहीं किया. आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?

डोटासरा बोले- ऐसी अनहोनी दुर्भाग्यपूर्ण

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह परियोजना राजस्थानवासियों के लिए गर्व का विषय है, लेकिन ऐसी अनहोनी होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने घटना की गंभीरता से जांच करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ किया जाए.