Political Tensions Rise in Noida After

नोएडा में मजदूर आंदोलन पर सियासत तेज, सपा नेता नजरबंद, माकपा प्रतिनिधिमंडल रोका गया

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Political Tensions Rise in Noida After

उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन के बाद अब मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

शुक्रवार को पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के कई वरिष्ठ नेताओं को एहतियातन उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। इनमें माता प्रसाद पांडे, सुधीर भाटी, आशा गुप्ता, शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, शशांक यादव, फकीर चंद्र नागर, राजकुमार भाटी, वीर सिंह यादव और सुनील चौधरी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नेता प्रदर्शनकारी मजदूरों से मिलने नोएडा आने वाले थे।

वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का प्रतिनिधिमंडल भी मजदूरों से मिलने पहुंचा, लेकिन उन्हें नोएडा में प्रवेश से पहले ही रोक दिया गया। माकपा नेता एम. ए. बेबी को दिल्ली के चिल्ला क्षेत्र में ही पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी बाहरी प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

पुलिस की कार्रवाई के विरोध में माकपा नेता धरने पर बैठ गए, हालांकि बाद में प्रशासन के समझाने पर धरना समाप्त कर दिया गया और प्रतिनिधिमंडल को जिला अधिकारी से मुलाकात के लिए ले जाया गया।

सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा सरकार पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में शांति भंग नहीं होने दी जाएगी।

फिलहाल नोएडा के डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।