सनातन धर्म पर बयान को लेकर सियासी घमासान: अनुराग ठाकुर ने उधयनिधि स्टालिन की टिप्पणी की निंदा की
Political strife erupts over statement on Sanatana Dharma
हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन की ओर से सनातन धर्म को समाप्त करने संबंधी दिए बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे अत्यंत आपत्तिजनक, भड़काऊ व घृणा फैलाने वाला बताया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ऐसे बयान केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं हैं, बल्कि डीएमके नेतृत्व की गहरी जड़ें जमा चुकी हिंदू व सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं। अनुराग ने कहा कि सनातन धर्म भारत की शाश्वत सभ्यतागत नींव है, जो एकता, विविधता, आध्यात्मिकता और समावेशिता जैसे मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
सनातन धर्म को समाप्त करने का आह्वान करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान पर हमला है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता पहले ही उधयनिधि स्टालिन और डीएमके की विभाजनकारी राजनीति को स्पष्ट रूप से नकार चुकी है।
सनातन धर्म का लगातार अपमान, भ्रष्टाचार के आरोप और परिवारवाद आधारित राजनीति के कारण जनता ने उन्हें विभिन्न मंचों पर अस्वीकार किया है। अनुराग ने कहा कि सनातन धर्म वह सभ्यतागत सूत्र है जो कन्याकुमारी से कश्मीर व तमिलनाडु से काशी, कामरूप और सोमनाथ तक पूरे भारत को एकता के सूत्र में बांधता है।
उन्होंने देशवासियों, संत समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले संगठनों से ऐसी विभाजनकारी और राष्ट्रविरोधी विचारधाराओं के खिलाफ एकजुट और सजग रहने का आह्वान किया।
उन्होंने तमिलनाडु सरकार तथा सभी जिम्मेदार राजनीतिक दलों से इस प्रकार के बयानों की स्पष्ट और कड़ी निंदा करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे बयान देश की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के लिए घातक हैं।