राज्यसभा सांसदों के दल बदल पर सियासी संग्राम: भगवंत मान और राघव चड्ढा दोनों ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
Political battle over defection of Rajya Sabha MPs
चंडीगढ़। हाल ही में राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। उन्होंने महामहिम से मिलकर सांसदों की सदस्यता रद करनी की मांग रखी। वहीं, राघव चड्ढा ने भी राष्ट्रपति से मिलकर अपना पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना जनता के विश्वास के साथ धोखा करना है। इसलिए इन सभी की सदस्यता खत्म की जानी चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रित मूल्यों के संरक्षण को जरूरी बताया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री के साथ गए विधायकों ने भी इन सांसदों को वापस बुलाने (रिकॉल) के प्रस्ताव का समर्थन किया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक ऐसे संवैधानिक प्रावधान को लागू करने की भी वकालत की, जिसके तहत अगर चुने हुए प्रतिनिधि अपना काम ठीक से न करें, तो वोटर उन्हें पद से हटा सकें।
क्या बोले राघव चड्ढा?
उधर, राघव चड्ढा ने भी अपने तीन साथी सांसदों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर लिखा, 'माननीय राष्ट्रपति से मिलकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ।' उन्होंने कहा,
हमने उन्हें बताया कि कैसे आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार, राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग करके हमें निशाना बना रही है, सिर्फ इसलिए कि हमने अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। जिस पार्टी ने कभी बदले की राजनीति का रोना रोया था, आज वही पार्टी बदले की राजनीति का सबसे ज़हरीला रूप अपना रही है। राष्ट्रपति महोदय के इस आश्वासन से हमें बल मिला है कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक विकल्पों का सम्मान किया जाना चाहिए। आज आम आदमी पार्टी एक राजनीतिक दल की तरह कम, और किसी और ही चीज की तरह ज्यादा व्यवहार कर रही है।- राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद
24 अप्रैल को इन सांसदों ने छोड़ी थी आप
गौरतलब है कि यह मुलाकात आम आदमी पार्टी (AAP) को 24 अप्रैल को लगे एक बड़े झटके के बाद हुई। उस दिन पार्टी के 10 में से सात राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का एलान किया था। इनमें शामिल थे- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल। इन सभी ने अब BJP ज्वाइन कर ली है। इन सांसदों ने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिक आदर्शों से भटक गई है। AAP छोड़ने वाले इन सात सांसदों में से छह पंजाब से थे, जबकि स्वाति मालीवाल पंजाब से नहीं थीं।