राजस्थान में जल्द हो सकती हैं राजनीतिक नियुक्तियां, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिए बड़े संकेत
Political appointments in Rajasthan could take place soon
Political appointments in Rajasthan could take place soon, राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चल रहा बीजेपी नेताओं का इंतज़ार जल्द खत्म हो सकता है. राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में हालिया नियुक्तियों के बाद बोर्ड, आयोग और निगमों में खाली चल रहे पदों पर भी नियुक्तियां हो सकती हैं. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं. सीएम भजनलाल शर्मा और राठौड़ इस बारे में चर्चा कर चुके हैं. लेकिन सवाल यही है कि यह नियुक्तियां स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव से पहले होंगे या बाद में?
केंद्रीय नेतृत्व को सीएम और राठौड़ दे चुके हैं फीडबैक
बीजेपी में नियुक्ति की चाह में बैठे नेता-कार्यकर्ताओं की लंबी फेहरिस्त है. हर दिन उनकी बैचेनी बढ़ती जा रही है. अलग-अलग बोर्ड और निगम में दावेदार समीकरण पर काम कर रहे हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री, दोनों एक ही समय दिल्ली के दौरे पर भी रहे. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की संगठन के केन्द्रीय नेताओं की मौजूदगी में चर्चा भी हुई है. साथ ही संगठन ने दोनों से अलग-अलग चर्चा में फीडबैक भी लिया है.
मुख्यमंत्री जल्द ही घोषणा कर सकते हैं- मदन राठौड़
राजनीतिक नियुक्तियों की बात करें तो इससे पहले अलग-अलग राउंड में राज्य किसान आयोग, देवनारायण बोर्ड, माटी कला बोर्ड समेत अलग-अलग नियुक्तियां की जा चुकी हैं. बावजूद इसके अभी भी कई पद खाली हैं. करीब सालभर बात शुरू हुई गतिविधियों के बीच ऐसा माना जा रहा है कि अब राजनीतिक नियुक्तियों के लिए रायशुमारी और आपसी चर्चा का काम लगभग पूरा हो चुका है. इधर, बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि उनकी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ चर्चा हुई है. संगठन के स्तर पर लिस्टिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है. मुख्यमंत्री जल्द इसकी घोषणा कर सकते हैं.
नियुक्ति में देरी पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
दूसरी ओर, कांग्रेस ने राजनीतिक नियुक्तियों में देरी और सरकार की पसंद को लेकर सवाल उठाये हैं. कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने तो नियुक्तियों में वैचारिक नजदीकी पर भी सवाल उठाये हैं. चतुर्वेदी ने कहा कि आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नियुक्तियों में सरकार ने संघ को साधने की कोशिश की है. साथ ही कांग्रेस का कहना है कि ढाई साल में अभी तक नियुक्तियां पूरी नहीं की गईं. जबकि कई बार यह नियुक्तियां समाजों को प्रतिनिधित्व और उनके विकास के लिए नीतियां बनाने में भी मददगार होती हैं.