थानेदार फोन नहीं उठाते: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा

थानेदार फोन नहीं उठाते: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा

Police station in-charge does not pick

Police station in-charge does not pick

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने थाना स्तर के पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने सदन में अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक बार तो जिले के एसपी फोन उठा लेते हैं, लेकिन थानेदार को फोन करने पर वह नहीं उठाता है। मामले में उन्होंने सरकार से इस संबंध में आदेश जारी किए जाने की बात कही। पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर पिछले दिनों भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सवाल उठाए गए थे। अब माता प्रसाद पांडेय की ओर से मामला उठाए जाने के बाद मसले पर चर्चा शुरू हो गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने क्या कहा?

यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली को सवालों को घेरे में खड़ा किया। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से सदन में लिए गए निर्णय को निचले स्तर पर पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सदन में जब अधिकारियों के फोन उठाए जाने की बात कही जाती है तो इस तरह के निर्णय को निचले स्तर पर आप पहुंचा दें। वे कम से कम टेलीफोन तो उठा लिया करें।

माता प्रसाद पांडेय ने अपनी पीड़ा जताते हुए कहा कि हम लोग उधर टेलीफोन करते हैं तो थानेदार तो कभी उठाता ही नहीं है। एसपी अगर कभी सुन भी लेते हैं, थानेदार को फुर्सत ही नहीं है टेलीफोन उठाने की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग थानों में बैठ कर दलाली करेंगे, लेकिन टेलीफोन नहीं उठाएंगे।

संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध

नेता प्रतिपक्ष ने निचले स्तर के अधिकारयों को जन प्रतिनिधियों का फोन उठाने संबंधी निर्देश की जानकारी दिए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मैंने इसीलिए यह मामला उठाया है, ताकि व्यवस्था का मामला बना रहे। सदन की ओर से अगर व्यवस्था दी गई है और कोई अधिकारी इसे तोड़ रहा है तो वह सदन की अवमानना होगी। कार्यपालिका को भी इस बात को मानना चाहिए कि वह व्यवस्था का अंग हैं। उन्हें व्यवस्था का अनुपालन करना होगा।