जयपुर में PNG कनेक्शन: आसान प्रक्रिया और बढ़ती जरूरत

जयपुर में PNG कनेक्शन: आसान प्रक्रिया और बढ़ती जरूरत

PNG Connections in Jaipur

PNG Connections in Jaipur

नई दिल्ली। PNG Connections in Jaipur, जयपुर में अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेना काफी आसान हो गया है। वहीं दूसरी तरफ ईरान युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत के LPG बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। ऐसे में PNG एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बनकर सामने आ रहा है।

PNG कनेक्शन लेने के लिए जयपुर में उपभोक्ताओं को राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (RSGL) या THINK गैस जैसी कंपनियों के जरिए आवेदन करना होता है। इसमें रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज जमा करना और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शामिल होती है। इस कनेक्शन में शुरुआती खर्च सिक्योरिटी डिपॉजिट और इंस्टॉलेशन चार्ज के रूप में होता है, जो आमतौर पर 6000 रुपये से ज्यादा नहीं होता।

जयपुर में PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपके इलाके में PNG की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके लिए आप RSGL संपर्क ऐप (RSGL Sampark App) का इस्तेमाल कर सकते हैं या 7230005667 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
  • THINK गैस के लिए आप उनकी वेबसाइट www.think-gas.com पर आवेदन कर सकते हैं या 1800 3000 0046 और 1800 2021 999 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
  • आवेदन के बाद आपको जरूरी जानकारी भरनी होती है और फिर कंपनी की टीम आपके घर का निरीक्षण करती है। इसके बाद पाइपलाइन और गैस मीटर लगाने की तारीख तय की जाती है।

जरूरी दस्तावेज और खर्च

  • PNG कनेक्शन के लिए पहचान पत्र (पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट), पता प्रमाण (बिजली बिल, आधार, वोटर आईडी) और घर के मालिकाना हक या किरायानामा (सेल डीड, हाउस टैक्स बिल, रेंट एग्रीमेंट) देना होता है।
  • इसके बाद उपभोक्ता को सिक्योरिटी डिपॉजिट (जो आमतौर पर ब्याज मुक्त होता है) और इंस्टॉलेशन चार्ज देना होता है।
  • सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद गैस कनेक्शन चालू कर दिया जाता है और आप तुरंत इसका उपयोग शुरू कर सकते हैं।

PNG के फायदे

  • PNG में 24 घंटे गैस सप्लाई मिलती है और सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं होती।
  • यह LPG से ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और जल्दी फैल जाती है।
  • इसके अलावा इसमें 'जितना इस्तेमाल उतना भुगतान' का सिस्टम होता है, जिससे यह किफायती भी साबित होती है।

होर्मुज बंद होने से LPG पर असर

ईरान युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया के ऊर्जा बाजार को बड़ा झटका लगा है। यह रास्ता सिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि LPG और गैस सप्लाई के लिए भी बेहद अहम है। भारत के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% मध्य पूर्व से आता है। घरेलू उत्पादन सिर्फ 40% मांग ही पूरा कर पाता है, जिससे आयात पर निर्भरता बहुत ज्यादा बनी हुई है।

भारत में LPG की बढ़ती मांग

भारत में करीब 60% घर खाना बनाने के लिए LPG पर निर्भर हैं। यह बदलाव 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कारण तेजी से आया, जिसमें गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन दिए गए। इस योजना के बाद देश में कुल LPG कनेक्शन 31 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।

फरवरी 2026 में LPG की खपत 2.8 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है और अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

क्यों बढ़ रही चिंता

होर्मुज बंद होने से LPG की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने और उपलब्धता कम होने का खतरा है।
ऐसे हालात में PNG जैसे विकल्प ज्यादा अहम हो जाते हैं, क्योंकि यह पाइपलाइन नेटवर्क पर आधारित है और आयात पर निर्भरता कम करता है।