22 फरवरी को पीएम मोदी करेंगे मेरठ मेट्रो का लोकार्पण
PM Modi will inaugurate Meerut Metro
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22 फरवरी को पीएम मोदी करेंगे मेरठ मेट्रो का उद्घाटन।
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120 किमी/घंटा गति से देश की सबसे तेज मेट्रो।
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ड्राइवरलेस संचालन, उन्नत सुरक्षा और ऊर्जा बचत सुविधाएँ।
मेरठ। भारत के तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क में मेरठ अपनी जगह बनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 फरवरी को उद्घाटन करेंगे। इस उद्घाटन के साथ यह प्रदेश का पांचवां ऐसा शहर बन जाएगा जहां मेट्रो सेवा शुरू होगी।
इसी के साथ देश कई नए कीर्तिमान देखेगा। मेरठ मेट्रो सेवा वही पटरी और ढांचा उपयोग करेगी जो देश के प्रथम आरआरटीएस कारिडोर पर दौड़ने वाली सेमीहाई स्पीड (160 किमी प्रति घंटे) ट्रेन नमो भारत के लिए बनाया गया हैं।
135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के साथ मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो होगी। इसकी पटरी की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटे है जबकि अन्य शहराें की मेट्रो पटरी की डिजाइन स्पीड 95 है। मेरठ आदर्श माडल बनेगा जिसे भविष्य में इसे अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।
मेरठ दक्षिण स्टेशन से मोदीपुरम तक 23 किलोमीटर लंबे कारिडोर के सभी 13 स्टेशनों पर रुकते हुए लगभग 30 मिनट में यात्रा पूरी करेगी। चमकदार हरे, नीले और नारंगी रंगों वाली स्टेनलेस स्टील से तैयार किए गए डिब्बे आधुनिक, हल्की और स्लीक डिजाइन वाली हैं।
तीन कोच वाली ये ट्रेन ऊर्जा की बचत करती हैं और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस हैं। यानी ब्रेक से भी बिजली उत्पन्न करेंगी। आटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) और आटाेमेटिक ट्रेन आपरेशन (एटीओ) तकनीक से युक्त होने के कारण बिना आपरेटर (ड्राइवर) के भी संचालित की जा सकती हैं।
प्रदेश में लखनऊ, आगरा, गोरखपुर व कानपुर मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति 90 किमी प्रति घंटे है, यही नहीं दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (110 किमी प्रति घंटे) को छोड़कर अन्य सभी कारिडोर पर भी अधिकतम गति 90 है।
कुर्सी,लगेज रैक व ट्रैक बनाती हैं सबसे अलग
-इसमें बीच में गैलरी है और उसके दोनों तरफ दो-दो कतार से पूरे डिब्बे में कुर्सियां हैं।
-प्रत्येक ट्रेन में 700 से अधिक यात्री सफर कर सकते हैं, जिनमें 173 बैठने की सीटें शामिल हैं।
-इसमें ऊपर किनारे की लगेज रैक बनाई गई है। यात्री इसमें अपना सामान रख सकेंगे।
-प्रत्येक प्लेटफार्म पर प्लेटफार्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए गए हैं, जो मेट्रो ट्रेन के दरवाजों और सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े हैं। ट्रेन तभी चलेगी जब पीएसडी और ट्रेन के दरवाजे दोनों पूरी तरह बंद हों। ऐसा सिर्फ दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर उपलब्ध है। यह किसी यात्री के ट्रेन के आगे कूदने या गिर जाने जैसी घटना से बचाता है।
-ट्रेनों में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए जगह दी गई है। स्टेशनों पर बड़ी लिफ्ट लगाई गई हैं, ताकि स्ट्रेचर आसानी से ट्रेन में जाया जा सके।
दिल्ली एयरपोर्ट लाइन मेट्रो व मेरठ मेट्रो में समानता
-मेरठ व दिल्ली मेट्रो में बैठने के लिए कुर्सियां हैं
-दोनों ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 135 व अधिकतम गति 120 है। हालांकि एयरपोर्ट लाइन पर 110 पर ट्रेन दौड़ती है।