Petrol, Diesel Prices May Fall

पेट्रोल-डीजल के दामों पर जल्द मिल सकती है राहत, हरदीप पुरी ने दिए कीमतें घटने के संकेत

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Petrol, Diesel Prices May Fall

देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मौजूदा ऊंची कीमतें लंबे समय तक बनी रहने की संभावना नहीं है और निकट भविष्य में इनके नरम पड़ने की उम्मीद है।

CNN-News18 को दिए एक इंटरव्यू में हरदीप पुरी ने कहा कि तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर लंबे समय तक टिक नहीं सकतीं और आने वाले महीनों में इनमें गिरावट आने के आसार हैं। उनके इस बयान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य रहती हैं तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।

हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और बिगड़ती है तो तेल की आपूर्ति और कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

हरदीप पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि देश के पास वर्तमान में 76 से 80 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है। साथ ही भारत को उम्मीद है कि अमेरिका, कनाडा और पश्चिमी गोलार्ध के अन्य देश किसी भी संभावित आपूर्ति संकट की स्थिति में मदद कर सकते हैं।

मंत्री ने एलपीजी उत्पादन को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां प्रतिदिन लगभग 32 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इसके अलावा भारत ने इस वर्ष अमेरिका से एलपीजी आयात शुरू किया है और अन्य कई देशों से भी गैस की खरीद की जा रही है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को और मजबूत बनाया जा सके।

बढ़ती महंगाई के बीच केंद्रीय मंत्री का यह बयान आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है। अब लोगों की नजरें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और सरकार की आगामी नीतियों पर टिकी हैं, जिनका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर पड़ सकता है।