"पंचायत प्रतिनिधि हमारे नाक और कान हैं": मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को किया सम्मानित; अब पंचायतों में भी बनेगा आधार
"Panchayat representatives are our eyes and ears"
रांची। "Panchayat representatives are our eyes and ears", मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार के छह- सात वर्ष के कार्यकाल में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उनकी सरकार पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही है।
राज्य की जनता ने जिस जिम्मेदारी के साथ सरकार बनाने का संकल्प किया, उसे पूरा करने का हर संभव प्रयास किया। कहा, उन्हें वह दिन याद है जब डबल इंजन की सरकार में लोग हाथ में राशन कार्ड लेकर भूखे मरे थे। अब ऐसा नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पंचायती राज दिवस के अवसर पर खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन में उपस्थित मुखिया, पंचायत प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्षों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले जनता की आवाज सरकार तक नहीं पहुंचती थी। अब सरकार की नजरें और आवाज ही नहीं, योजनाएं भी उनतक पहुंचेगी। उन्होंने महंगाई का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय कोरोना के कारण हमारे श्रमिक बड़े शहरों से वापस लौट रहे थे।
अब महंगाई के कारण वापस लौटने लगे हैं। महंगाई के कारण वहां उन्हें भरपेट खाना भी नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना राज्य का विकास संभव नहीं है।
पंचायत प्रतिनिधि हमारे नाक और कान हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करनेवाले मुखिया, पंचायत समिति प्रमुख तथा जिला परिषद अध्यक्ष को सम्मानित किया।
पंचायतों में बनेगा आधार
पंचायतों में भी अब आधार बनेगा। इसे लेकर भी कार्यक्रम में यू्आइडीएआइ के क्षेत्रीय निदेशक नीरज कदम को लेटर आफ इंटेंट प्रदान किया गया। निदेशक राजेश्वरी बी तथा क्षेत्रीय निदेशक द्वारा समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।
तीन श्रेणियों में दिया गया पुरस्कार
इस कार्यक्रम में तीन श्रेणियों में ग्राम पंचायतों व ग्राम सभाओं को पुरस्कृत किया गया। पहले श्रेणी के तहत प्रत्येक जिले के एक-एक उत्कृष्ट पंचायत को स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा गरीबी उन्मूलन में ओवरआल प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह, दूसरी श्रेणी में स्वच्छता में बेहर प्रदर्शन के लिए प्रत्येक जिला के एक-एक पंचायत को पुरस्कृत किया गया। दोनों श्रेणियों में चयनित पंचायतों को 10-10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसी तरह, प्रत्येक प्रमंंडल की एक-एक पंचायत समिति की को 15वें वित्त आयोग की राशि खर्च में करने में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया। दोनों श्रेणी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए राज्य स्तर पर उत्कृष्ट पंचायत समिति को 15 लाख रुपये तथा जिला परिषद को 20 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
काफी मान मनौव्वल से केंद्र से मिली राशि
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पहली बार पंचायतों को पुरस्कृत किया जा रहा है। अधिसंख्य पंचायत का भवन नहीं था, जहां था भी वह जीर्णशीर्ण अवस्था में था। मुखिया इसकी शिकायत करते थे।
कार्यालय को दुरुस्त करने के लिए प्रत्येक माह 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे बदलाव दिख रहा है। एक साल के प्रयास तथा बार-बार मान मनौव्वल के बाद राशि केंद्र से मिली है।
जो राशि बिना किसी परेशानी के राज्य में आनी चाहिए थी, उसके लिए कई बार पत्राचार करना पड़ा। एक समय लग रहा था कि केंद्र से फंड नहीं मिलेगा।साढ़े पांच सौ करोड़ अनटाइड फंड पंचायतों में गया है। आनेवाले 410 करोड़ रुपये टाइड फंड तथा करोड़ों रुपये अनटाइड फंड पंचायतों में शीघ्र पहुंच पाएगा।
उत्कृष्ट स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत समिति
दुलमी (रामगढ़), डंडा (गढ़वा), भंडरा (लोहरदगा), महेशपुर (पाकुड़), ईचागढ़ (सरायकेला खरसावां), लोहरदगा, सोनाठारी (देवघर), आनंदपुर (पश्चिमी सिंहभूम)
उत्कृष्ट ग्राम पंचायत
दरबारपुर (दुमका), साउथपालाजारी (साहिबगंज), बरियातू (रामगढ़), मेरू (हजारीबाग), नया चिलगढ़ (पश्चिमी सिंहभूम), टुंडाहोरी (ओरमांझी, रांची), शहरकोल (पाकुड़), छोटा गम्हरिया (सरायकेला खरसावां) आदि।