ग्रेटर नोएडा: हिंदुओं को निशाना बनाने की 'पाकिस्तानी साजिश' नाकाम; मुंबई में शोरूम और गाड़ियां जलाने का मिला था आदेश; UP ATS ने 4 को दबोचा
'Pakistani Conspiracy' to Target Hindus Foiled
ग्रेटर नोएडा। 'Pakistani Conspiracy' to Target Hindus Foiled, पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा भारत में हिंदुओं को टारगेट कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देकर दहशत फैलाने कई तरह से प्रयास किए गए।
रुपये का लालच देकर गिरोह में शामिल किए गए बादलपुर थाना क्षेत्र के छपरौला निवासी लोकेश उर्फ पपला पंडित और बुलंदशहर निवासी विकास उर्फ रौनक को मुंबई में शोरूम और हिंदूओं की गाड़ी जलाने के आदेश पाकिस्तानी हैंडलर से मिले थे। काम को अंजाम देने के लिए मुंबई भी पहुंच गए थे, लेकिन डर के कारण घटना को अंजाम नहीं दे सके।
मुंबई में शोरूम और गाड़ियां जलाने का मिला था आदेश
इसके बाद दोनों को पंजाब के गुरुदासपुर से अवैध असलहों की कंसाइनमेंट लेकर बताए लोगों तक पहुंचाने का निर्देश मिला था। इसे भी वह अंजाम नहीं दे सके। हैंडलर ने दोनों को ट्रेंड करने की जिम्मेदारी मेरठ के आतंकी साकिब व अरबाब को सौंपी। इसके बाद ट्रेनों के सिग्नल जलाने का काम दिया।
वारदात को अंजाम देने से पहले ही यूपीएटीएस की टीम ने पाकिस्तानी हैंडलर का हुक्म बजा रहे चारों आतंकियों को पकड़ कर पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। हैंडलर का पपला व एक अन्य से वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बात करने का वीडियो भी सामने आया है।
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से देता था आतंकी निर्देश
पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े मेरठ व छपरौला गांव में रहने वाले पपला और विकास का आतंकियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से संपर्क होता था। कॉन्फ्रेसिंग पर ही हैंडलर विभिन्न आतंकी साजिशों को अंजाम देने के दिशा निर्देश देता था। इंटरनेट मीडिया पर एक 25 सेंकेंड का ऐसा वीडियो प्रसारित हो रहा है।
फिलहाल दैनिक जागरण वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में तीन लोग जुड़े हैं। हैंडलर काला चश्मा लगाए हाथ में खतरनाक असलहा लहराते हुए पपला व एक अन्य सदस्य को कुछ निर्देश दे रहा है। वीडियो में आवाज नहीं आ रही है, इससे यह नहीं पता चल रहा कि क्या बोल रहा है।
रुपयों का लालच देकर जोड़ा गया नेटवर्क से
फिलहाल पुलिस सूत्रों का कहना है कि हैंडलर के साकिब के माध्यम से विकास और पपला को रुपए का लालच देकर नेटवर्क से जोड़ा था। इन्हें हिंदुओं के प्रतिष्ठानों और गाड़ियों को जलाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने से रुपए मिलने का झांसा दिया था। सबसे पहले दोनों को मुंबई के किसी शोरूम में आग लगाकर वीडियो प्रसारित करने का काम मिला था।
साकिब के माध्यम से दोनों को मुंबई भेजा गया था, लेकिन पुलिस के डर के कारण वह घटना अंजाम नहीं देे सके। दूसरा काम पाकिस्तान से भेजे जाने वाले असलहों के कंसाइनमेंट की डिलीवरी लेकर बताए स्थान व लोगों तक पहुंचाने का मिला था। दोनों ने यह काम पूरा कर पाने में असमर्थता जता दी थी।
पहले ट्रेनिंग, फिर ट्रेनों के सिग्नल जलाने का काम
हैंडलर ने साकिब व अबरार को फटकार लगाते हुए पहले दोनों को प्रशिक्षित करने का हुक्म दिया था। तब सरल काम ट्रेनों के सिग्नल जलाकर वीडियो प्रसारित करने का निर्देश मिला। हैंडलर का हुक्म था कि गाड़ियां और शोरूम हिंदुओं के ही जलाए जाएं।
हिंदुओं को ही बनाया साजिश का हिस्सा
वारदात को अंजाम देने के लिए भी दोनों हिंदू यानी विकास और पपला को ही चुना गया था। ऐसी साजिश रचने के पीछे की मंशा हिंदुओं पर भी आतंकी होने का ठप्पा लगाना माना जा रहा है।
फिलहाल एटीएस की सक्रियता से रुपए का लालच देकर आतंकी बनाए गए विकास व पपला कोई वारदात अंजाम दे पाते उससे पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिए गए।