चारधाम यात्रा 2026: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में 17.51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधाम यात्रा 2026: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में 17.51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Over 17.51 ​​Lakh Devotees Offer Prayers at Badrinath

Over 17.51 ​​Lakh Devotees Offer Prayers at Badrinath

देहरादून। Over 17.51 ​​Lakh Devotees Offer Prayers at Badrinath, चारधाम यात्रा के दौरान श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि 30 मई तक दोनों धामों में कुल 17.51 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री केदारनाथ धाम तथा 7.51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री बदरीनाथ धाम में दर्शन किए हैं।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। शासन, प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रा सरल और सुविधाजनक बनी हुई है।

मौसम अनुकूल होते ही यात्रा सामान्य रूप से चलती है

हेमंत ने बताया कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन द्वारा केदारनाथ यात्रा को कुछ पड़ावों पर अस्थायी रूप से रोका जा रहा है, लेकिन यात्रा पर स्थायी रोक नहीं है। मौसम अनुकूल होते ही यात्रा को पुनः सामान्य रूप से संचालित किया जा रहा है।

कुल 17,51,780 श्रद्धालु दोनों धामों में दर्शन कर चुके हैं

बीकेटीसी अध्यक्ष ने हाल ही में 29 और 30 मई को केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि अब तक कुल 17,51,780 श्रद्धालु दोनों धामों में दर्शन कर चुके हैं। इनमें 10,00,497 श्रद्धालुओं ने श्री केदारनाथ धाम और 7,51,283 श्रद्धालुओं ने श्री बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की है। उन्होंने इसे इस वर्ष की यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देश का करें पालन

द्विवेदी ने कहा कि बेहतर प्रबंधन, प्रभावी समन्वय और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण यात्रा लगातार सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा खराब मौसम की स्थिति में निर्धारित पड़ावों पर रुककर ही आगे की यात्रा करें।