उत्तर प्रदेश का नया चेहरा: 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनते प्रदेश के युवा
outh of the state transform from 'job seekers' to 'job creators'
लखनऊ। outh of the state transform from 'job seekers' to 'job creators: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के जरिए प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दे रही है। इस योजना का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि युवाओं को 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाला) से 'जॉब क्रिएटर' (नौकरी देने वाला) बनाना है। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की वंदना यादव इस अभियान की एक चमकती मिसाल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने वित्तीय सहायता का सही उपयोग कर न केवल अपनी ऑयल मिल स्थापित की, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।
सपनों को मिला 'ब्याजमुक्त' सहारा
वंदना यादव की सफलता के पीछे राज्य सरकार की प्रभावी ऋण नीति का बड़ा हाथ है। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से ऋण प्राप्त कर अपने पति के साथ मिलकर मजरा खुजेहटा गांव में सरसों के तेल की मिल शुरू की। वंदना बताती हैं कि उन्हें योजना के तहत न केवल धन मिला, बल्कि उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। आज उनके द्वारा उत्पादित शुद्ध सरसों का तेल स्थानीय स्तर पर एक ब्रांड बन चुका है और इसकी मांग आसपास के कई जिलों तक पहुंच रही है।
स्थानीय रोजगार और प्रेरणा का केंद्र
वंदना का यह प्रयास केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है। उनकी ऑयल मिल ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं, जिससे गांव के अन्य परिवारों को भी संबल मिला है। उनकी आत्मनिर्भरता को देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी स्वरोजगार की ओर प्रेरित हो रही हैं। यह कहानी साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र तक पहुंचे, तो ग्रामीण परिवेश में भी बड़े ब्रांड खड़े किए जा सकते हैं।
योजना का खाका: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
योगी सरकार की इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। वहीं, समय पर भुगतान करने वाले उद्यमियों के लिए दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था की गई है। सरकार का संकल्प हर साल एक लाख नए उद्यमी तैयार कर उत्तर प्रदेश को 'उद्यम प्रदेश' बनाने का है।