हिमाचल: शिक्षकों के तबादलों पर 'फुल स्टॉप'; शिक्षा मंत्री के पास पहुँचे 700 आवेदन; केवल 'नीड बेस्ड' तबादले ही होंगे संभव
700 Applications Reach Education Minister
शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों के आवेदन मंत्रियों का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि इस शैक्षणिक सत्र में तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा। इसके बाद सरकार ने सामान्य तबादलों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग में तबादलों के लिए आवेदन की होड़ मची है।
शिक्षा मंत्री के कार्यालय में 700 आवेदन (डीओ नोट) तबादलों के लिए आ चुके हैं। 500 आवेदन की फाइल बनाकर शिक्षा मंत्री के कार्यालय से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। तबादलों पर प्रतिबंध के चलते यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। इसी बीच 200 आवेदन और पहुंच गए हैं।
तबादलों पर प्रतिबंध के चलते विभाग ने पूरी प्रक्रिया रोकी है। जेबीटी, टीजीटी, प्रवक्ता, प्रधानाचार्य, सीएंडवी सहित विभिन्न श्रेणियों की ओर से ये आवेदन आए हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि केवल अत्यावश्यक मामलों (नीड बेस्ड) में ही तबादलों के आदेश जारी किए जाएंगे।
इसलिए नहीं हटाया था प्रतिबंध
शिक्षा विभाग में शैक्षणिक सत्र के बीच तबादलों पर प्रतिबंध रहता है। 31 मार्च के बाद इसे हटाया जाता है। विभाग ने तर्क दिया है कि 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इनमें 5600 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्तियां होनी हैं। ऐसे में यदि प्रतिबंध भी हटा दिया जाता है तो इसका विपरीत असर पड़ेगा। पहले विभाग सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां करेगा।
एसएमसी शिक्षकों को विभाग में मर्ज करने के आदेश
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि एसएमसी शिक्षकों विभाग में मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पांच प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत शिक्षकों को विभाग में मर्ज किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा इसके लिए परीक्षा आयोजित की थी। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित कर विभाग को इसकी सूची सौंप दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इनको जल्द विभाग के अधीन किया जाए। पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने से पहले इसकी प्रक्रिया को पूरा करें। ये शिक्षक 20 व इससे अधिक वर्ष से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।
80,000 शिक्षक विभाग में कार्यरत
शिक्षा विभाग में 80,000 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें जेबीटी, एचटी, सीएचटी, सीएंडवी, टीजीटी, प्रवक्ता, पीईटी, डीपीई, मुख्य अध्यापक, प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसी तरह कालेजों में सहायक आचार्य, सह आचार्य व आचार्य कार्यरत हैं। बीच सत्र में शिक्षकों के तबादलों पर प्रतिबंध है।