यूपी में बिजली संकट पर CM योगी सख्त: समीक्षा बैठक से पहले मेरठ-गाजियाबाद के दो अधिशासी अभियंता सस्पेंड, एक अटैच
CM Yogi strict on power crisis in UP
लखनऊ। CM Yogi strict on power crisis in UP, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती और इसके कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने से काफी नाराज हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को सुबह अपने सरकारी आवास पर ऊर्जा विभाग की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई है, लेकिन उससे पहले ही बड़े अफसरों के खिलाफ एक्शन लिया गया है।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने मंत्री एके शर्मा के निर्देश पर दो वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और एक को अटैच किया है। यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में अधिशासी अभियंता पारेषण गाजियाबाद राहुल को निलंबित किया गया है।
इसके साथ ही अधिशासी अभियंता पारेषण मेरठ योगेश कुमार को भी सस्पेंड किया गया है। अधिशासी अभियंता पारेषण पश्चिम राहुल को मेरठ मुख्यालय से अटैच किया गया है। बिजली विभाग के अफसरों पर इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री की समीक्षा से पहले ऊर्जा विभाग में बड़ा एक्शन माना जा रहा है।
ट्रांसमिशन में बड़ी लापरवाही
बीते दिनों मेरठ क्षेत्र में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में लगातार तकनीकी खराबियां सामने आई थीं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2026 को 132 केवी मोदीनगर-2 कंकरखेड़ा लाइन ट्रिप हो गई थी, जिसके कारण टावर संख्या 33 और 34 के बीच कंडक्टर टूट गया। इसके अगले ही दिन 20 मई को 132 केवी मोदीनगर-2 बेदवापुर लाइन भी ट्रिप हो गई। इस दौरान टावर संख्या 8 और 9 के बीच मिड स्पैन ज्वाइंट से कंडक्टर टूटने और टावर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई। इसके अतिरिक्त 19 मई को ही 132 केवी शताब्दीनगर-प्रतापपुर प्रथम सर्किट में आइसोलेटर में फ्लैशओवर की घटना हुई, जिससे कई लाइनें प्रभावित हो गईं. इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते 132 केवी उपकेंद्र प्रतापपुर और बेदवापुर से जुड़े 33 केवी और 11 केवी फीडरों की बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त, कल हाई-लेवल बैठक
उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच बेहिसाब बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। उन्होंने विभिन्न जिलों से आ रही बिजली संकट और जनता की भारी परेशानी की खबरों का संज्ञान लेते हुए कल सुबह 10:30 बजे एक आपात और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में ऊर्जा विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों और डिस्काम के प्रबंध निदेशकों को तलब किया गया है।
अफसरों की तय होगी जवाबदेही, ट्रिपिंग पर होगी बात
इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य एजेंडा प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना, लोकल फॉल्ट को तुरंत ठीक करना और अघोषित ट्रिपिंग पर लगाम लगाना है। मुख्यमंत्री इस बैठक में लापरवाही बरतने वाले और जनता की शिकायतों पर ध्यान न देने वाले अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक के बाद कुछ बड़े अधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।