आजकल राजनेता खुद को भगवान समझ रहे" शहर की रक्षा खुद करें : एबी.वेंकटेश्वर राव
Nowadays, politicians think of themselves as gods
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
विशाखापत्तनम : : (आंध्र प्रदेश) "तेलुगु शक्ति के तत्वावधान में होटल मेघालय में आयोजित मंथन सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी ए.बी. वेंकटेश्वर राव ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले एनटीआर जैसे महान नेता जनता को ही भगवान मानते थे, लेकिन आज के राजनीतिक नेता खुद को ही देवता समझकर जनता को भक्तों की तरह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले और वर्तमान सरकारों से अपेक्षित कार्य नहीं हो रहे हैं, इसलिए विशाखा की रक्षा स्थानीय लोगों को स्वयं करनी होगी। वेंकटेश्वर राय ने चेतावनी दी कि अदानी और जिंदल जैसी कंपनियों से विशाखा स्टील प्लांट और पोर्ट ट्रस्ट को बचाने की जिम्मेदारी जनता पर है। उन्होंने कहा कि अदानी-गूगल डेटा सेंटर से केवल लगभग 500 नौकरियां ही मिलेंगी, जबकि स्थानीय लोगों पर बोझ बढ़ने की आशंका है। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तर आंध्र के लंबित प्रोजेक्ट्स के लिए यदि 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएं, तो समस्याओं का समाधान संभव है। जमीन आवंटन पर उन्होंने कहा कि कम दर पर जमीन देना गलत नहीं, लेकिन प्रति एकड़ कितनी नौकरियां मिलेंगी, यह पहले तय होना चाहिए। ऋषिकोंडा पैलेस के उपयोग पर उन्होंने कहा
कि इसे खाली छोड़ना उचित नहीं है। इसे केजीएच सुपर स्पेशलिटी वार्ड या किसी सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए उपयोग में लाया जा सकता था। उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति में जाति आधारित चयन का विरोध करते हुए कहा कि योग्यतम व्यक्तियों को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही संपत्ति कर में 15: वृद्धि से मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ने की बात कही। कार्यक्रम संयोजक बी.वी. राम ने कहा कि वेंकटेश्वर राव से उनका पूर्व परिचय नहीं था. फिर भी उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर कार्यक्रम में भाग लिया, जो सराहनीय है। इस अवसर पर एयू के पूर्व प्रोफेसर पेंताकोटा त्रिनाध राव, एम. कृष्णमूर्ति, आदारी किशोर कुमार, डॉ. पप्पूर निकुंज सहित कई लोग उपस्थित रहे।