नीतीश कुमार चौथी बार बने JDU के 'सिरमौर': निर्विरोध चुने गए राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा की नई पारी के साथ संभालेंगे कमान
Nitish Kumar Becomes JDU's 'Supreme Leader' for the Fourth Time
पटना। Nitish Kumar Becomes JDU's 'Supreme Leader' for the Fourth Time, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) मंगलवार को चौथी बार जदयू के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष (JDU President) चुने गए। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी से जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार के निर्वाचन का प्रमाण पत्र हासिल किया।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अभी काम कर रहे नीतीश कुमार इसी महीने के 16 तारीख को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। वह मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिल्ली जा रहे हैं। उसी समय नीतीश कुमार ने जदयू के विधायकों की बैठक में यह स्पष्ट किया था कि वह राज्यसभा जरूर जा रहे पर पार्टी और सरकार दोनों को वह देखते रहेंगे।
नीतीश कुमार की तरफ से जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में 19 मार्च को नामांकन किया था। नामांकन की आखिरी तारीख 22 मार्च थी। नीतीश कुमार के अलावा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए कोई और नामांकन नहीं हुआ।
22 मार्च को ही यह तय हो गया था कि नीतीश कुमार निर्विरोध जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे। नामांकन पत्र की जांच 23 मार्च को हुई और आज यानी 24 मार्च को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख थी। किसी अन्य उम्मीदवार के नहीं रहने की वजह से नामांकन वापसी की भी औपचारिकता नहीं थी।
कब-कौन बना जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष?
जदयू के 2003 में गठन से अब तक पांच राष्ट्रीय अध्यक्ष हुए हैं। वर्ष 2003 से 2006 तक जार्ज फर्नांडिस जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनके बाद वर्ष 2006 में शरद यादव जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वह 2016 तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उनके बाद नीतीश कुमार 2016 में पहली बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और 2020 तक कामकाज संभाला।
वर्ष 2020 में उन्होंने आरसीपी सिंह को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंप दी। इसके बाद 2021 से 2023 तक राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके बाद 2023 से अब तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान नीतीश कुमार के पास है।
जदयू की राष्ट्रीय कमेटी के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, अभी जो कमेटी है वह काम करती रहेगी। अगले महीने यानी अप्रैल में पटना में आयोजित होने वाले जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।