निक्की हत्याकांड में नया मोड़: परिवार की चुप्पी से बढ़ा रहस्य, कोर्ट में बदले बयान
New twist in Nikki murder case: Family's silence deepens mystery
ग्रेटर नोएडा। कासना कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव में निक्की हत्याकांड भी अब पहेली बन गई है। निक्की की बहन कंचन, माता पिता समेत परिवार के जो सदस्य ससुराल पक्ष के लोगों पर उसे जिंदा जलाने का दावा कर न्याय दिलाने की गुहार लगा रहे थे। वही अब आरोपितों के साथ समझौता कर चुप्पी साधकर बैठ गए हैं।
जिस बहन कंचन ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर सबसे ज्यादा आवाज उठाई, वही कंचन पिछले दो बार से कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने के लिए नहीं गई। बुधवार को कंचन कोर्ट में अपने बयान दर्ज करने पहुंची, जहां उसने पक्ष द्रोही (बयानों से मुकरना) बयान दिए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद निक्की का हत्यारा कौन? अब रहस्य बन जाएगा।
कैसे पंचायत तक पहुंचा?
निक्की हत्याकांड की सुनवाई फिलहाल कोर्ट में चल रही है। मुख्य आरोपित पति विपिन भाटी को जमानत नहीं मिली है। वह अभी लुक्सर स्थित जेल में बंद है। समझौते तक पहुंचने की कहानी जेल से जमानत पर छटे जेठ रोहित, ससुर सतवीर और सास दयावती के बाहर आने के बाद ही शुरू हो गई थी।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जेल से छूटने के बाद जेठ रोहित ने निक्की के माता-पिता व अपनी पत्नी कंचन से संपर्क साधना शुरू कर दिया था। दोनों पक्षों के रिश्तेदारों ने फैसला कराने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई। आरोपित विपिन भाटी के चचेरे भाई देवेंद्र ने करीब 20 दिन पहले दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने की बात कही है।
क्या कंचन के नाम पर घर खरीदना भी है कारण?
निक्की की बहन कंचन के लिए ससुराल पक्ष के लोगों ने रूपवास गांव के पास आमका रोड पर बनी कॉलोनी में एक घर खरीदा है। चर्चा है कि ससुराल जाने के बजाय कंचन अपने पति व बच्चों के साथ इसी घर में रहेगी। तीन बीघा खेत में 1/3 हिस्सा निक्की व कंचन के बच्चों के नाम करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने सहमति दी है। दोनों पक्षों के बीच करीब एक महीने से पंचायतों का दौर चल रहा था।
कुछ दिनों पहले ग्रेटर नोएडा में पंचायत हुई थी। फैसले के तहत दोनों बच्चों के नाम संपत्ति करने, परिवार को आर्थिक सहयोग देने और निक्की की बहन कंचन को दोबारा उसकी ससुराल में रहने पर सहमति बनी थी साथ ही किराये से होने वाली आय में भी हिस्सा देने पर सहमति बनी। पंचायत में सगे संबंधी संग चुनिंदा लोग ही शामिल हुए थे। निक्की की ससुराल सिरसा व मायका रूपवास गांव के ग्रामीणों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी।
क्या है पूरा मामला?
21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में 26 वर्षीय निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलाकर मौत हो गई थी। स्वजन ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष ने दहेज और घरेलू विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपित पति विपिन भाटी को 23 अगस्त 2025 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
इसके बाद सास दयावती, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित भाटी को भी जेल भेजा गया। हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सास, ससुर और जेठ को जमानत मिल गई थी। मुख्य आरोपित पति विपिन भाटी फिलहाल जेल में है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।
कोर्ट में चल रहा है केस, तो समझौता?
सिरसा गांव के एक ग्रामीण ने बताया कि कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कुछ लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं तो कई बच्चों के भविष्य को लेकर सहीं बता रहे है।
"ऐसे मामलों में गवाहों के बयान दर्ज होते हैं। यदि गवाह अपने बयानों से मुकर जाता है तो उसे पक्ष द्राेही कहा जाता है। वह गवाह अपने पिछले बयान की पुष्टि नहीं करता। बगैर गवाहों के मामला हल्का पड़ जाता है।"
-मनोज भाटी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष।