उत्तर प्रदेश में नई तबादला नीति 2026-27 को मंजूरी: योगी कैबिनेट के बड़े फैसले
New Transfer Policy 2026-27 Approved in Uttar Pradesh
लखनऊ। New Transfer Policy 2026-27 Approved in Uttar Pradesh, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों की वर्ष 2026-27 की स्थानांतरण नीति को स्वीकृति मिल गई है। इस नीति के तहत एक ही जिले में तीन वर्ष व मंडल में सात वर्ष से अधिक समय से तैनात समूह 'क' व 'ख' के अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। नीति में पति-पत्नी और दिव्यांगों को मनचाही तैनाती के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
समूह 'ग' के कर्मचारियों का जिला परिवर्तन न होने की स्थिति में पटल परिवर्तन अवश्य किया जाएगा। यह अधिकतम 10 प्रतिशत किया जाएगा। नीति के तहत तबादले हर हाल में 31 मई तक पूरे करने होंगे। पिछले वर्ष 15 मई से 15 जून तक तबादले किए गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को दिन में तीन बजे उनके आवास पांच कालिदास मार्ग पर कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 29 प्रस्ताव आए और सभी स्वीकृत हो गए। अहम प्रस्तावों में वर्ष 2026-27 के लिए नई वार्षिक स्थानांतरण नीति है।
तबादला नीति लगभग पिछले वर्ष जैसी ही है, इसमें बड़ा बदलाव नहीं है। नई नीति के अनुसार समूह ‘क’ और ‘ख’ के वे अधिकारी जो किसी एक जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, उनका स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
स्थानांतरण के लिए अवधि के निर्धारण के लिए कट-आफ-तिथि 31 मार्च, 2026 मानी जाएगी। वहीं, इन वर्गों में अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे।
समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 10 प्रतिशत तय की गई है, जिसे विशेष परिस्थितियों में 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इन वर्गों में तबादले विभागाध्यक्ष और विभागीय मंत्री की अनुमति से होंगे।
अधिकारियों को गृह जिले में तैनाती नहीं
नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। समूह ‘क’ के ऐसे अधिकारी जिनके पद केवल मंडल स्तर पर हैं उन्हें उनके गृह मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा।
प्रदेश के आकांक्षी जिलों- चित्रकूट, चंदौली, सोनभद्र, फतेहपुर, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, श्रावस्ती व बहराइच तथा 34 जिलों के 100 आकांक्षी विकासखंडों में प्रत्येक विभाग द्वारा प्रत्येक दशा में समस्त पदों पर शत-प्रतिशत तैनाती की जाएगी।
आकांक्षी जिलों व विकासखंडों में दो वर्ष से तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से विकल्प प्राप्त कर उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा। पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर यथासंभव एक ही जिले में उनका तबादला किया जाएगा।
पूर्णतया दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती विकल्प प्राप्त करके ऐसे स्थान पर की जाएगी जहां उनकी देखभाल व चिकित्सा की समुचित व्यवस्था हो। दिव्यांग कर्मी और जिनके आश्रित स्वजन 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, उनको स्थानांतरण से मुक्त रखा जाएगा।
कोई दिव्यांग कर्मी यदि तबादला चाहता है, तो उसके अनुरोध के आधार पर मनचाहे जिलों में जाने का मौका दिया जाएगा। स्थानांतरण सत्र यानी 31 मई के बाद समूह 'क' और 'ख' के संबंध में विभागीय मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही तबादले हो सकेंगे।