उत्तर प्रदेश में विज्ञान और तकनीक की नई उड़ान
New flight of science and technology in Uttar Pradesh
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उत्तर प्रदेश एआई मिशन और डेटा सेंटर हब पर जोर।
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लखनऊ, गौतम बुद्ध नगर में यू-हब से स्टार्टअप को बढ़ावा।
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साइबर सुरक्षा सुदृढ़ होगी, तकनीकी शिक्षा का विस्तार।
लखनऊ। विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश निर्णायक छलांग लगाने की ओर कदम बढ़ा रहा है। इस क्षेत्र को और गतिशील बनाने के लिए योगी सरकार ने बजट 2026-27 के माध्यम से विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं आईटी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इस पहल से प्रदेश न केवल डिजिटल और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।
बजट में इंडिया एआई मिशन और इंडिया एआई डेटा लैब को आगे बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधान विकसित करना है। साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट डेटा सेंटर और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर क्लस्टर को सुदृढ़ कर प्रदेश को सुरक्षित डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का बड़ा हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में यू-हब की स्थापना से स्टार्टअप और नवाचार को नई ऊर्जा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन हब के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन, मेंटरशिप और निवेश के अवसर उपलब्ध होंगे। टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी क्षेत्र में दक्ष युवाओं को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार और कारोबार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ कर योगी सरकार डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। यूपी स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क-3 के विस्तार से शासन की डिजिटल कनेक्टिविटी और तेज होगी। इससे जिला और तहसील स्तर तक ऑनलाइन सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।
प्रदेश में नए पॉलिटेक्निक संस्थानों के निर्माण और वर्तमान संस्थानों के उच्चीकरण से तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के अंतर्गत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों में अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। आकाशीय विद्युत से बचाव और पूर्व चेतावनी हेतु सैटेलाइट पेलोड और सेंसर की व्यवस्था प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करेगी।