एनसीआर प्लान-2041 से बदलेगी हरियाणा के शहरों की तस्वीर, सोनीपत से रेवाड़ी तक उभरेंगे नए विकास केंद्र

एनसीआर प्लान-2041 से बदलेगी हरियाणा के शहरों की तस्वीर, सोनीपत से रेवाड़ी तक उभरेंगे नए विकास केंद्र

NCR Plan-2041 to transform the face of Haryana

NCR Plan-2041 to transform the face of Haryana

चंडीगढ़। NCR Plan-2041 to transform the face of Haryana, दिल्ली-एनसीआर की बदलती तस्वीर में अब विकास का केंद्र केवल गुरुग्राम- फरीदाबाद तक सीमित नहीं रहने वाला है। एनसीआर रीजनल प्लान-2041 ने हरियाणा के उन शहरों को नई पहचान देने की तैयारी कर ली है, जो अब तक बड़े शहरी बाजारों की छाया में रहे हैं।

करीब 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना वाले इस विजन में गुरुग्राम -फरीदाबाद से आगे सोनीपत, पानीपत, भिवानी, रेवाड़ी, धारूहेड़ा, बावल, नूंह, महेंद्रगढ़ ,पलवल नए ग्रोथ सेंटर के रूप में उभर सकते हैं।गुरुग्राम तथा फरीदाबाद ने हरियाणा को वैश्विक पहचान दिलाई।

कनेक्टिविटी और रोजगार आधारित विकास की तैयारी

आइटी, कारपोरेट हब, रियल एस्टेट और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण गुरुग्राम एनसीआर की आर्थिक रीढ़ बना। लेकिन बढ़ती आबादी, जमीन की सीमित उपलब्धता और महंगी होती रियल एस्टेट कीमतों ने अब विकास को नए क्षेत्रों की तरफ मोड़ दिया है। एनसीआर प्लान-2041 इसी बदलाव का संकेत है, जिसमें गुरुग्राम के आसपास के शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार आधारित विकास के साथ आगे लाने की तैयारी है।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत 30 मिनट एनसीआर की सोच है, जिसमें प्रमुख शहरों को बेहतर सड़क नेटवर्क, रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और एक्सप्रेसवे कारीडोर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसका सीधा फायदा हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र को मिलेगा। गुरुग्राम से जुड़े इलाकों में पहले से मौजूद एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क अब नए औद्योगिक और आवासीय केंद्रों को गति देंगे।

सोनीपत और पानीपत जैसे शहरों को भविष्य के बड़े निवेश केंद्रों के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भिवानी, रेवाड़ी और बावल महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्र उद्योगों और लाजिस्टिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बन सकते हैं। जेवर एयरपोर्ट के विकास से पलवल और दक्षिण हरियाणा के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

आने वाले वर्षों में एनसीआर का विकास गुरुग्राम-केंद्रित न रहकर बहु-केंद्रित होगा। इससे नए शहरों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक सुविधाओं का विस्तार होगा। हरियाणा के एनसीआर जिलों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है क्योंकि यहां जमीन की उपलब्धता, औद्योगिक क्षेत्र और दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी पहले से मौजूद है।

- कर्नल (रिटा.) जितेंद्र यादव, चैयरमेन, प्रगति ग्रुप

गुरुग्राम के लिए भी यह बदलाव एक अवसर है। जिस तरह गुरुग्राम ने देश-विदेश की कंपनियों को आकर्षित किया, उसी तरह अब आसपास के शहरों में नई टाउनशिप, इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर विकसित हो सकते हैं। इससे गुरुग्राम पर बढ़ता दबाव कम होगा और पूरे हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

- रोहित यादव, निदेशक, थ्री बी रियलिटी

एनसीआर प्लान-2041 केवल शहरी विस्तार की योजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक भूगोल को बदलने वाला रोडमैप माना जा रहा है। आने वाला समय बताएगा कि गुरुग्राम की सफलता की कहानी अब कितनी तेजी से सोनीपत, रेवाड़ी, भिवानी और अन्य हरियाणा शहरों तक पहुंचती है।

- विवेक सिंह राव, चेयरमैन, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ आर्किटेक्ट