Nayab Saini Cabinet Approves

सीएम नायब सैनी का बड़ा फैसला, इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स होंगे नियमित

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Nayab Saini Cabinet Approves

हरियाणा सरकार ने राज्य की अवैध औद्योगिक कॉलोनियों और अनधिकृत फैक्ट्रियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें कानूनी दायरे में लाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक अमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट एरिया आउटसाइड म्यूनिसिपल एरिया (स्पेशल प्रोविजंस) संशोधन अधिनियम-2025’ को लागू करने के लिए अहम संशोधनों को मंजूरी दे दी गई।

सरकार के इस फैसले से राज्यभर में वर्षों से अनधिकृत इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स में संचालित हो रही हजारों औद्योगिक इकाइयों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सड़क, पानी, सीवर, स्ट्रीट लाइट और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई थी। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अब इन क्षेत्रों को नियमित कर वहां आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उद्योगों का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो सकेगा।

सरकार ने बताया कि वर्ष 2021 में लागू किए गए विशेष कानून का उद्देश्य नगर निकाय सीमाओं से बाहर बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों को राहत देना था। इसके तहत 19 जुलाई 2022 को नीति लागू की गई थी और 6 अप्रैल 2023 को कुछ राहत संबंधी प्रावधान भी जोड़े गए थे। हालांकि उस समय यह व्यवस्था केवल रिहायशी क्षेत्रों तक सीमित थी और औद्योगिक कॉलोनियां इसके दायरे से बाहर थीं।

मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2025 में की गई घोषणा के बाद सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों को भी इस योजना में शामिल करने का फैसला लिया। इसके तहत अक्टूबर 2025 में कानून में संशोधन किया गया और अब कैबिनेट ने उसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है।

नई नीति के अनुसार वही औद्योगिक कॉलोनियां पात्र होंगी जो कम से कम 10 एकड़ के लगातार क्षेत्र में फैली हों और जिनमें न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हों। साथ ही संबंधित निर्माण 3 अक्टूबर 2025 से पहले का होना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को स्थिरता मिलेगी और वे बैंकिंग, बिजली कनेक्शन, पर्यावरण मंजूरी तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।

कैबिनेट ने इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए एक समर्पित पोर्टल बनाने की मंजूरी भी दी है। इस पोर्टल के जरिए उद्योगपति या उनके अधिकृत प्रतिनिधि आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में किसी क्षेत्र को इंफ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट इंडस्ट्रियल एरिया घोषित करने और औद्योगिक इकाइयों को नियमित करने की मांग की जा सकेगी। सरकार का दावा है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी।