Narwana’s Vansh Secures Haryana

पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला, नरवाना के वंश ने 497 अंक लेकर हरियाणा में हासिल किया तीसरा स्थान

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Narwana’s Vansh Secures Haryana

Narwana की भगत सिंह कॉलोनी निवासी वंश ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शानदार सफलता हासिल कर मिसाल पेश की है। हरियाणा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में वंश ने 500 में से 497 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।

पांच साल पहले पिता के निधन के बाद परिवार पर मुश्किलों का दौर आ गया था, लेकिन वंश ने अपने पिता के सपनों को टूटने नहीं दिया। रिजल्ट घोषित होते ही परिवार और मोहल्ले में खुशी का माहौल बन गया। ढोल-नगाड़ों के बीच लोगों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।

वंश की सफलता के पीछे उनकी मां सरोज का संघर्ष और मेहनत भी अहम रही। पिता के निधन के बाद उन्होंने बेटे और बेटी दोनों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

वंश ने बताया कि उसने लंबे समय तक पढ़ाई करने के बजाय पूरी एकाग्रता और फोकस के साथ तैयारी की। सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई से जुड़े सवालों और जानकारी के लिए किया।

उसने कहा कि उसके पिता हमेशा चाहते थे कि वह बड़ा अधिकारी बने और अब वह उसी सपने को पूरा करना चाहता है। वंश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, बहन और MDN School के शिक्षकों को दिया।

वंश की बड़ी बहन ने भी हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। उसकी बहन ने मेडिकल क्षेत्र में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अब वंश का सपना Indian Institutes of Technology में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का है।

वंश की मां ने कहा कि बेटे ने कठिन मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है और उन्हें उम्मीद है कि वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि पिता के जाने के बाद उन्हें बच्चों को मां और पिता दोनों का प्यार देना पड़ा।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि यदि आज वंश के पिता जीवित होते तो इस सफलता से सबसे ज्यादा खुश वही होते।