सोलन RLA घोटाला: सरकारी पोर्टल में सेंध लगाकर करोड़ों का 'खेल'; फर्जी ID से होता था वाहनों का पंजीकरण; मुख्य आरोपी क्लर्क सहित 6 गिरफ्तार

सोलन RLA घोटाला: सरकारी पोर्टल में सेंध लगाकर करोड़ों का 'खेल'; फर्जी ID से होता था वाहनों का पंजीकरण; मुख्य आरोपी क्लर्क सहित 6 गिरफ्तार

Multi-Crore Racket Exposed After Hacking Government Portal

Multi-Crore 'Racket' Exposed After Hacking Government Portal

सोलन। Multi-Crore 'Racket' Exposed After Hacking Government Portal, जिला पुलिस सोलन ने वाहन पंजीकरण से जुड़े एक संगठित साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है। यह मामला क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण सोलन के रिकॉर्ड में अनियमितताओं के सामने आने के बाद दर्ज किया गया था। 26 जनवरी को आरएंडएलए सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल द्वारा पुलिस अधीक्षक सोलन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई गई।

जांच के दौरान पाया गया कि कुछ वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण, लोडेड वेट में बदलाव और स्वामित्व हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताएं की गई थीं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वाहन पोर्टल में अवैध रूप से छेड़छाड़ की गई। पंजीकरण लिपिक जितेन्द्र ठाकुर द्वारा कई यूजर आईडी और मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग किया गया। साथ ही, यह गतिविधियां अधिकृत सरकारी नेटवर्क के बाहर के आईपी एड्रेस से संचालित की गईं।

विशेष जांच दल का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन ने डीएसपी अशोक चौहान के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया। जांच में पाया गया कि बिना मोटर वाहन निरीक्षक की जांच और अधूरे दस्तावेजों के आधार पर वाहन पंजीकरण किए गए।

जांच के दौरान जितेंथा और डॉ पूनम नाम से फर्जी यूज़र आईडी बनाकर वाहन सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की गई। तकनीकी साक्ष्यों से यह भी सामने आया कि आरएलए झंडूता में कार्यरत क्लर्क गौरव भारद्वाज इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी है।

आपराधिक षड्यंत्र की ओर संकेत

आरोपी ने एजेंटों का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था, जिनमें राजकुमार उर्फ सन्नी, विकास सिंह उर्फ शालू, जितेन्द्र और अनिल शामिल थे। ये लोग वाहन मालिकों से अवैध धन वसूल कर दस्तावेजों में हेरफेर करते थे, जैसे लोड बढ़ाना, मालिकाना विवरण बदलना और हाइपोथिकेशन हटाना।

वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपी गौरव भारद्वाज के खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है, जो संगठित आर्थिक अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की ओर संकेत करता है।

पुलिस थाना सदर की टीम ने 3 अप्रैल को त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को 4 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

एसपी सोलन टी साई दत्तात्रेय वर्मा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों तथा नेटवर्क की पहचान की जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।