ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में जुटे 40 से ज्यादा देश, गाजा के लिए खोला खजाना; UN पर बड़ा ऐलान

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में जुटे 40 से ज्यादा देश, गाजा के लिए खोला खजाना; UN पर बड़ा ऐलान

Board Of Peace First Meeting

Board Of Peace First Meeting

Board Of Peace First Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में चीन और रूस को बोर्ड में शामिल करने की इच्छा जताई. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "बहुत सारे देश बोर्ड में शामिल होने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं... मैं चीन और रूस को बोर्ड में शामिल करना पसंद करूंगा; उन्हें आमंत्रित किया गया है."

रूस और चीन दोनों को ट्रंप से न्योता मिला है, लेकिन उन्होंने बोर्ड में शामिल होने के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है.

बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में अपने भाषण के दौरान, ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने "अच्छे संबंधों" का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति शी के साथ मेरे बहुत अच्छे रिश्ते हैं. मैं अप्रैल में चीन जा रहा हूं. यह बहुत मजेदार होने वाला है. पिछली बार जब मैं चीन गया था, तो राष्ट्रपति शी ने मेरे साथ बहुत अच्छा बर्ताव किया था."

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "उन्होंने मुझे एक डिस्प्ले दिखाया. मैंने इतने सारे सैनिकों को एक ही हाइट का, बिल्कुल एक ही हाइट का कभी नहीं देखा. मैंने कहा, अगर वे अपने हेलमेट नीचे कर लें, तो आप उनके सिर के ऊपर पूल (pool) खेल सकते हैं. यह बहुत कमाल का था."

ट्रंप ने यह भी कहा कि नया बना "बोर्ड ऑफ पीस" संयुक्त राष्ट्र पर "नजर रखेगा" ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह ठीक से काम करे. ट्रंप ने कहा, "बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र (UN) पर नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि यह ठीक से चले."

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, यूएन की सुविधाओं और वित्तीय स्थिरता को बेहतर बनाने में मदद करेगा. ट्रंप ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसकी सुविधाएं अच्छी हों. उन्हें मदद चाहिए, और उन्हें पैसे की भी मदद चाहिए. हम पैसे के मामले में उनकी मदद करेंगे, और हम यह पक्का करेंगे कि संयुक्त राष्ट्र कामयाब रहे."

बैठक के दौरान, ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका, बोर्ड ऑफ पीस को वैश्विक विवादों को सुलझाने के उसके मिशन में मदद के लिए 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर देगा. उन्होंने कहा कि बोर्ड शुरू में गाजा पट्टी में पुनर्निर्माण की कोशिशों पर फोकस करेगा. ट्रंप के अनुसार, बोर्ड ऑफ पीस का मकसद अंतरराष्ट्रीय विवाद सुलझाने के तरीकों को मजबूत करना और दुनिया भर के संकटों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना है.

इस बैठक में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देश फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन - शामिल नहीं हुए. वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ ने बोर्ड में शामिल न होने का फैसला किया है. भारत को भी बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया गया है लेकिन उसने फिलहाल अपना फैसला नहीं बताया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले पिछले साल सितंबर में अमेरिका की मध्यस्थता वाले 20-पॉइंट गाजा युद्धविराम योजना के दूसरे चरण के हिस्से के तौर पर बोर्ड ऑफ पीस का प्रस्ताव रखा था.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बोर्ड एक "फाउंडिंग एग्जीक्यूटिव बोर्ड" की देखरेख करेगा, जिसमें ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर शामिल हैं.