हरियाणा में मानसून का तांडव: करंट लगने से दो किसानों की मौत, बरसाती नदी में फंसे स्कूली बच्चे

हरियाणा में मानसून का तांडव: करंट लगने से दो किसानों की मौत, बरसाती नदी में फंसे स्कूली बच्चे

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Monsoon havoc in Haryana: Two farmers die of electrocution

हिसार। हरियाणा में लगातार तीसरे दिन मानसून सक्रिय रहा और गुरुवार को प्रदेश के 16 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। जल्द पूरे प्रदेश में तेज वर्षा होने की संभावना है। वीरवार को पंचकूला के नाडा साहिब क्षेत्र में वर्षा के बाद बरसाती नदी उफान पर आने से गांव गुमथला के स्कूली बच्चों के वाहन करीब पांच घंटे तक अस्थायी रास्ते पर फंसे रहे। फरीदाबाद में भारी वर्षा के बीच खेड़ी पुल का हिस्सा धंस गया, जबकि सोनीपत के रोहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की गैलरी भरभराकर गिर गई।

वहीं, करनाल के असंध क्षेत्र के राहड़ा गांव निवासी 63 वर्षीय नंदलाल उर्फ नंदा और ललैन गांव के 20 वर्षीय सौरव की खेतों में ट्यूबवेल के पास करंट लगने से अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। स्वजन के अनुसार ये वर्षा के दौरान खेतों में कार्य करने गए थे।

वहां, करंट की चपेट में आने का अंदेशा है। उधर, यमुनानगर में तेज वर्षा से कई जगह जलभराव हुआ। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अंबाला, यमुनानगर और करनाल में तेज वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे तापमान गिरने की भी संभावना है।

सोम नदी का पहला उफान, 30 गांवों के किसान सतर्क यमुनानगर

शिवालिक क्षेत्र में वर्षा के बाद वीरवार शाम सोम नदी में मानसून का पहला उफान दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 24 हजार क्यूसेक से अधिक बहाव के कारण रामपुर कम्बोयान सहित कई गांवों की दो हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी। इसी कारण इस बार भी किसान जलस्तर पर लगातार नजर रखे हैं। 30 गांवों के किसान इसे लेकर सतर्क हैं। हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का प्रवाह 18 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचा है, जबकि सिरसा में घग्गर नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। दोनों नदियों पर प्रशासन और सिंचाई विभाग निगरानी बनाए हुए हैं।

धान की फसल के लिए अभी अच्छी वर्षा होने का इंतजार कैथल में 15 मिमी वर्षा से धान की फसल को राहत मिली, जबकि झज्जर में लगातार नमी के कारण किसानों ने फिलहाल बाजरे की बिजाई रोक दी है। इसके विपरीत फतेहाबाद सहित आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसान धान की फसल के लिए अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यमुनानगर, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, भिवानी और गुरुग्राम सहित अनेक जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली।

मानसून ने पूरे देश को किया कवर 

मानसूनी वर्षा से एक ओर देश के कई हिस्सों में राहत मिली, वहीं कई जगह नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा से 11 लोगों की मौत हो गई। गुजरात के सूरत में भी नौ लोगों की मौत हो गई।