हत्या के मामले में नाबालिग को उम्रकैद की सजा
Minor Sentenced to Life Imprisonment
- तीन साल पुराने मामले में जिला अदालत ने सुनाया फैसला
- 16 साल से अधिक होने के कारण आरोपित को बालिग मानकर चलाया गया मुकदमा
चंडीगढ़: Minor Sentenced to Life Imprisonment, तीन साल पुराने हत्या के मामले में जिला अदालत ने एक नाबालिग को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले की उम्र 16 साल से अधिक और 18 साल से कम थी, इसलिए उसे बालिग मानकर उस पर मुकदमा चलाया गया। उसे एक अप्रैल को दोषी करार दे दिया गया था। दोषी ने अपने एक साथी सन्नी उर्फ अंकुर के साथ मिलकर 24 नवंबर 2023 को सेक्टर-25 में मुकुल नामक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। सन्नी को पिछले साल 11 दिसंबर को उम्रकैद की सजा सुना दी गई थी।
इससे पहले पुलिस ने मुकुल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था।
उसने पुलिस को बताया था कि 24 नवंबर 2023 को वह अपने घर के पास गली में खड़ा था। तभी अंकुर और उसका नाबालिग साथी वहां आए। उन्होंने उसे धमकी देना शुरू कर दिया। इतने में नाबालिग ने कहा कि आज उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इतने में अंकुर ने उसे पीछे से पकड़ लिया जबकि नाबालिग ने उसके पेट में चाकू से वार कर दिए। इस हमले में मुकुल बुरी तरह घायल हो गए। उसकी चीखें सुनकर दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। उसे सेक्टर-16 के अस्पताल में दाखिल किया गया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआत में उनके खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान मुकुल की मौत हो गई। ऐसे में पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया। फिर दोनों पर हत्या का केस चलाया गया। जिसमें दोनों को दोषी करार दे दिया गया।