बूंदी में सफाई व्यवस्था पर मंत्री मदन दिलावर का सख्त रुख, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

बूंदी में सफाई व्यवस्था पर मंत्री मदन दिलावर का सख्त रुख, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

Minister Madan Dilawar takes a tough stance

Minister Madan Dilawar takes a tough stance

राजस्थान के बूंदी जिले में गांवों की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया. तालेड़ा और केशवरायपाटन पंचायत समिति क्षेत्र के कई गांवों में औचक निरीक्षण के दौरान गंदगी, कचरे के ढेर और सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति देखकर मंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों और सफाई ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. मंत्री ने साफ कहा कि गांवों में सफाई व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है. सरकार हर ग्राम पंचायत को साफ-सफाई के लिए हर महीने करीब एक लाख रुपए उपलब्ध कराती है, बूंदी जिले की पंचायतों को भी यह राशि दी गई और बिल भी पास हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई नजर नहीं आई.

'लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी'

मदन दिलावर ने कहा कि अब इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी. मंत्री दिलावर ने तालेड़ा और केशवरायपाटन पंचायत समिति की भीया, देलूंदा, सींता, मेहराणा, सुवांसा, जमीतपुरा, तीरथ, रडी, चड़ी, हस्तीनापुर, गुडली, ईश्वरनगर (लेसरदा) और इन्द्रपुरिया ग्राम पंचायतों का सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकांश गांवों में जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े मिले. कई स्थानों पर नालियां गंदगी से भरी हुई थीं और सफाई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिले. गांवों में फैली गंदगी को देखकर मंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई. 

सिर्फ कागजों में दिखी गांव की सफाई

मंत्री ने कहा कि पंचायतों में सफाई व्यवस्था के लिए सरकार लगातार बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों का निरीक्षण किया गया, वहां सफाई के नाम पर केवल कागजों में काम दिखाया गया, जबकि वास्तविक स्थिति बेहद खराब मिली. मदन दिलावर ने तालेड़ा और केशवरायपाटन पंचायत समितियों के विकास अधिकारी (BDO), अतिरिक्त विकास अधिकारी, समन्वयक, सहायक अभियंता, प्रशासक और संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को इस लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

सफाई ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश

साथ ही संबंधित पंचायतों के सफाई ठेकेदारों का भुगतान तुरंत रोकने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए हैं. मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था के नाम पर खर्च की गई राशि की जांच की जाए और यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से राशि की वसूली की जाए. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गांवों में सफाई व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. औचक निरीक्षण और कार्रवाई के बाद पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया है.